कुटुंबा में पंचायत चुनाव का नामांकन आज से

कुटुंबा प्रखंड में नामांकन मंगलवार से शुरू होगा. सभी पदों के नामांकन के लिए अलग-अलग काउंटर बनाये गये हैं. 20 पंचायत में मुखिया व सरपंच 28 पंचायत समिति सदस्य तथा 280 वार्ड सदस्य तथा पंच के लिए चुनाव होना है. कुटुंबा(औरंगाबाद) : कुटुंबा प्रखंड में नामांकन मंगलवार से शुरू होगा. नामांकन के लिए सभी आवश्यक […]

कुटुंबा प्रखंड में नामांकन मंगलवार से शुरू होगा. सभी पदों के नामांकन के लिए अलग-अलग काउंटर बनाये गये हैं. 20 पंचायत में मुखिया व सरपंच 28 पंचायत समिति सदस्य तथा 280 वार्ड सदस्य तथा पंच के लिए चुनाव होना है.
कुटुंबा(औरंगाबाद) : कुटुंबा प्रखंड में नामांकन मंगलवार से शुरू होगा. नामांकन के लिए सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गयी है. बीडीओ सह आरओ मनोज कुमार ने बताया कि सभी पदों के लिए नामांकन के लिए अलग-अलग काउंटर बनाये गये हैं. नामांकन एक से पांच बजे तक होगा.
कार्यालय के चारों तरफ से बैरिकेडिंग की गयी है. बीडीओ ने बताया कि कैंपस के अंदर उम्मीदवार व प्रस्तावक को छोड़कर किसी का भी प्रवेश वर्जित होगा. बताते चलें कि प्रखंड के 20 पंचायत में मुखिया व सरपंच 28 पंचायत समिति सदस्य तथा 280 वार्ड सदस्य तथा पंच के लिए चुनाव होना है.
12 से 16 तक होगी स्क्रूटनी व 18 को नाम वापसी. प्रखंड में नामांकन का दौर 11 अप्रैल तक चलेगा. जानकारी देते हुए बीडीओ ने बताया कि नामांकन के बाद 12 से 16 अप्रैल तक स्क्रूटनी की जायेगी. 18 अप्रैल को उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होते ही उम्मीदवारों के नाम चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया जायेगा. चुनाव 26 मई को नौ से पांच बजे तक होगा.
1400 से अधिक लोगों ने कटवायी एनआर. मुखिया, पंस सदस्य, सरपंच, पंच व वार्ड सदस्य पद पर चुनाव के लिए सोमवार तक प्रखंड क्षेत्र के 1434 लोगों ने एनआर कटवाया. बीडीओ मनोज कुमार के अनुसार मुखिया पद के लिए 295, सरपंच के लिए 64, पंस सदस्य के लिए 172, वार्ड सदस्य के लिए 761 व पंच के लिए 142 लोग एनआर कटवा चुके हैं.
मुखिया व वार्ड पद के लिए मची है होड़
मुखिया व वार्ड सदस्य पद के लिए उम्मीदवारों का रुझान काफी अधिक है. प्रखंड में 20 मुखिया पद के लिए 295 व वार्ड सदस्य के लिए 280 पद के लिए 761 लोगों ने एनआर कटवाया है. इसके विपरीत सरपंच व पंच पद पर लोग नामांकन करना भी नहीं चाह रहें है.
हालात ऐसी है कि कई वार्ड में पंच का पद खाली रहने की संभावना बढ़ गयी है. पंच के 280 पद के लिए मात्र 142 एनआर कटने से लोग इस ओर कयास लगाने लगे है. हालांकि, पंच व सरपंच महत्वपूर्ण पद है और इसमें लोगों को अपनी सहभागिता निभानी चाहिए पर इन दोनों पदों के लिए कोई सरकारी फंड नहीं होने से लोगों का रुझान इस ओर नहीं है. कई पंचायत के सरपंच बताते हैं कि पांच वर्ष में पंचायत करने व आम लोगों से भेंट मुलाकात करने में करीब एक लाख खर्च हुआ है पर सरकार की ओर से कुछ नहीं दिया जाता है.

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