रुपये ट्रांसफर करने में देना पड़ा अधिक कमीशन

होली व अन्य छुट्टियों के कारण बैंकों के बंद रहने से लोगों को पैसों की लेन-देन में परेशानी उठानी पड़ी. इस बंदी का फायदा कुछ लोगों ने उठाया. रुपये ट्रांसफर व सूद पर लेन-देन करनेवालों की खूब चांदी कटी. औरंगाबाद (सदर) : होली व अन्य छुट्टियों के कारण लगातार छह दिनों तक बैंकों के बंद […]

होली व अन्य छुट्टियों के कारण बैंकों के बंद रहने से लोगों को पैसों की लेन-देन में परेशानी उठानी पड़ी. इस बंदी का फायदा कुछ लोगों ने उठाया. रुपये ट्रांसफर व सूद पर लेन-देन करनेवालों की खूब चांदी कटी.
औरंगाबाद (सदर) : होली व अन्य छुट्टियों के कारण लगातार छह दिनों तक बैंकों के बंद रहने की सूचना से हर कोई वाकिफ था. ऐसे में कुछ व्यवसायियों व लोगों ने होशियारी दिखाते हुए बैंक बंद होने से पहले ही रुपये निकाल लिये थे, ताकि छुट्टियों में व्यवसाय पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़े.
लेेकिन जो लोग एटीएम के भरोसा थे वे धोखा खा गये. रुपये खत्म होने या तकनीकी खराबी के कारण शहर के कई एटीएम बैंकों के बंद रहने से लोगों को रुपये के लिए भटकना पड़ा.
मंगलवार से रविवार तक लगातार बैंकों के बंद रहने के कारण होली की खरीदारी भी प्रभावित रही. बैंकों के बंद रहने का फायदा वैसे लोगों ने खूब उठाया, जो फंड ट्रांसफर या सूद पर लेन-देन का काम करते हैं.
सूद पर कर्ज देकर इन लोगों ने अच्छा लाभ कमाया. सूचना है कि रुपये की लेन-देन एक से डेढ़ प्रतिशत तक कमीशन लिया गया. नाम नहीं छापने के शर्त पर फंड ट्रांसफर का काम करनेवाले एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें खाते में ज्यादा रुपये होने का फायदा मिला. एक लाख रुपये के ट्रांसफर पर एक हजारसे डेढ़ हजार रुपये कमाये. उधर, बैंकों के सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) चलानेवालों की भी खूब चांदी रही.
व्यवसायियों ने कहा, बैंक बंद रहने से बड़ा नुकसान
व्यवसायियों ने कहा कि बैंक की छुट्टियां तो जायज हैं, पर इतने दिनों तक लगातार बैंक बंद रहने से व्यवसायियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है. ललन कुमार, भास्कर कुमार, मुकेश कुमार, वीरेंद्र गुप्ता व सुनील गुप्ता आदि व्यवसायियों ने कहा कि जो व्यवसायी सीसी या लोन के सहारे व्यवसाय कर रहे हैं, उन्हें बैंक के बंद रहने से काफी दिक्कत होती है.
अगर रविवार को भी बैंक खुले रहें, तो हर्ज नहीं है. व्यवसायी संघ के उदय गुप्ता, राजू प्रसाद, गौरव कुमार, अरविंद कुमार व राहुल कुमार ने कहा कि पूर्व में एक योजना बनी थी कि संघ की ओर से बैंकों के पदाधिकारियों से मिल कर सातों दिन बैंक खुला रखने का आग्रह किया जायेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके लिए संघ एक बाद फिर बैंकों के पदाधिकारियों से मिलेगा.

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