प्रशासन के सभी दावे फेल

औरंगाबाद (नगर) : शहर में जाम की समस्या अब लोगों के लिए गले की फांस बन गयी है. अतिक्रमण के कारण लोगों का सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है. प्रशासन के अतिक्रमण हटाने और जाम से मुक्ति दिलाने के सभी दावे फेल हो गये हैं. प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाये जाने के अगले […]

औरंगाबाद (नगर) : शहर में जाम की समस्या अब लोगों के लिए गले की फांस बन गयी है. अतिक्रमण के कारण लोगों का सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है. प्रशासन के अतिक्रमण हटाने और जाम से मुक्ति दिलाने के सभी दावे फेल हो गये हैं. प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाये जाने के अगले दिन ही सड़कों के किनारे फुटपाथी दुकानदार व ठेलावाले फिर जम जाते हैं.
शहर के पुरानी जीटी रोड पर सुबह नौ बजे से ही जाम लगना शुरू हो जाता है. इस ओर न तो ट्रैफिक पुलिस का ध्यान रहता है और न ही अधिकारियों का. कभी-कभी तो लोग जाम में घंटों फंस आते हैं, जिससे वे देरी से स्कूल, ऑफिस व अन्य जगहों पर पहुंचते हैं.
जामा मस्जिद के पास जाम लगना आम
धर्मशाला चौक से रमेश चौक तक, खासकर जामा मस्जिद के पास, हर रोज जाम लगना आम बात हो गयी है.पुरानी जीटी रोड से चलनेवाले दोपहिया व तीनपहिया वाहन चालक कहीं जाम में फंसे या न फंसे, पर जामा मस्जिद के पास पांच से दस मिनट के लिए जरूर फंसते हैं. जामा मस्जिद के समीप जाम लगने का कारण सड़क की चौड़ाई कम है. सड़क के दोनों किनारों पर फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है. इस जगह पर ट्रैफिक पुलिस के जवान भी तैनात रहते हैं, पर वे भी जल्द जाम हटाने के लिए सक्रिय नहीं दिखते हैं.
पुलिस के जवानों का कहना है कि जाम से निजात दिलाने के लिए जब वाहन चालकों को अपने लेन में चलने का निर्देश देते, तो वे उन्हीं से उलझ पड़ते हैं. कई बार तो जाम में फंसे लोग आपस में ही भिड़ जाते हैं.

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