औरंगाबाद(नगर) : शुक्रवार को बिहार राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष रेणु देवी, सदस्य शिवकुमार मांझी ने दानीबिगहा अतिथि गृह में शुक्रवार को विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और सरकार की योजनाओं के कामकाज की समीक्षा की.
बैठक में आयोग की उपाध्यक्ष रेणू देवी ने बताया कि 2015 में अनुसूचित जनजाति एक्ट के तहत जिले में उत्पीड़न से संबंधित 135 मामले दर्ज किये गये, जिनमें पांच हत्या के मामले भी हैं. एक्ट के तहत मृत व्यक्ति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने व कोर्ट में चार्जशीट रिपोर्ट दाखिल होने के बाद मुआवजे के रूप में पीड़ित परिवार को साढ़े सात लाख रुपये देने, मृतक के बच्चों को शिक्षा, राशन-केरोसिन व आवास देने का प्रावधान है, जो अब तक जिले के किसी भी पीड़ित परिवार को नहीं मिला है. उपाध्यक्ष ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश देते हुये कहा कि जिन भूमिहीन महादलितों को जमीन नहीं उपलब्ध करायी जा सकी है, उन्हें अविलंब पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराया जाये, इसमें लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी.
अनुसूचित जनजाति आयोग आयोग के सदस्य कुमार मांझी ने कहा कि डीएम के फर्जी पत्र के आधार पर दाउदनगर महिला महाविद्यालय में प्राचार्य व सचिव द्वारा फॉर्म भरने के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है.
उन्होंने डीएम को कॉलेज के प्राचार्य व सचिव के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया. श्री मांझी ने कहा कि दाउदनगर महाविद्यालय का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए सरकार को पत्र भी लिखा जायेगा. सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि पोस्टमार्टम व इंज्यूरी रिपोर्ट उसी दिन चिकित्सक लिखें, खासकर रेप केस में. उपाध्यक्ष ने बताया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के निरीक्षण में छात्राओं की उपस्थिति कम मिली. छात्राओं को दूध भी नहीं दिया जाता है. उन्होंने संबंधित एनजीओ को अविलंब ब्लैकलिस्टेड करने का निर्देश जिला कल्याण पदाधिकारी को दिया. उपाध्यक्ष ने कहा कि जो पदाधिकारी अपने काम में रुचि नहीं लेंगे, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
इस मौके पर सिविल सर्जन डाॅ आरपी सिंह, डीपीओ राजेश कुमार व जिला कल्याण पदाधिकारी शांतिभूषण आर्य आदि अधिकारी उपस्थित थे.
