औरंगाबाद कार्यालय : नवीनगर में बन रहे बिजलीघर के विस्थापित किसान मजदूर संघर्ष समिति व मजदूर संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया. धरना की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष नागेंद्र कुमार सिंह ने की, जबकि देखरेख सचिव राजेश्वर सिंह ने किया.
धरने में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित समिति के संरक्षक व स्थानीय सांसद सुशील कुमार सिंह ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन व परियोजना के पदाधिकारियों की आलोचना की. सांसद ने कहा कि औरंगाबाद में भू-अर्जन उद्योग बन गया है. एनएच-टू को सिक्स लेन किया जा रहा है. कैमूर, सासाराम व गया आदि जिलों में सिक्स लेन का काम काफी तेज गति से चल रहा है. लेकिन, औरंगाबाद में अब तक भू-अर्जन का कार्य पूरा नहीं हो सका है.
इसके अलावा एनटीपीसी व एनपीजीसी बिजलीघर परियोजनाओं में भी भू-अर्जन का काम पूरा नहीं हो सका. बड़े ही दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है कि विस्थापित किसानों को इंसाफ के लिए आंदोलन का रास्ता आपनाना पड़ रहा है. इसके लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन व दोनों परियोजनाओं के पदाधिकारी जिम्मेवार हैं, जो किसानों को न्याय नहीं देना चाह रहे हैं. सांसद ने कहा कि वह इस संगठन का संरक्षक है और जनप्रतिनिधि भी. उनकी नैतिक जिम्मेवारी है कि किसानों को हक व अधिकार दिलाने के लिए उनके साथ खड़ा रहूं.
अन्य वक्ताओं ने कहा कि विस्थापित किसान संघर्ष समिति अपनी 13 सूत्री मांगों व मजदूर संघ अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष के रास्ते पर चल पड़ा है. सरकार, प्रशासन व दोनों परियोजनाओं के पदाधिकारियों को 12 फरवरी तक का समय दिया जाता है. अगर वार्ता कर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो 14 फरवरी को एनटीपीसी गेट पर आमसभा की जायेगी और 15 फरवरी से बीआरबीसीएल परियोजना को अनिश्चितकालीन बंदी के लिए धरना देंगे.
