औरंगाबाद कार्यालय : शहर के पुरानी जीटी रोड में धर्मशाला मोड़ से 50 फुट दूर बीच सड़क पर एक बिजली का खंभा (पोल) खड़ा है. इस पोल से 11 हजार वोल्ट व 220 वोल्ट के तार गुजरे हैं. इस पोल से कई बार छोटे-छोटे वाहन टकरा भी गये हैं, जिससे तार टूट कर गिर चुका है. कई लोग करेंट की चपेट में भी आ चुके हैं. लोग आशंका जता रहे हैं कि अगर किसी दिन इस बिजली के खंभे से बड़े यात्री वाहन टकरा गये, तो दर्जनों लोगों की जान जा सकती है.
हालांकि, बिजली विभाग द्वारा उक्त खंभे से गुजरे 220 वोल्ट के तार में कई जगहों पर सुरक्षा बेल्ट लगाये गये हैं, ताकि वे टूट कर नीचे न गिर सकें. लेकिन, कई बार ऐसा भी देखा गया है कि कवर बेल्ट के रहते हुए भी करेंट प्रभावित बिजली के तार टूट कर गिर पड़ते हैं और लोग उसकी चपेट में आ जाते हैं.
50 वर्ष पहले गाड़ा गया था पोल
50 वर्ष पहले औरंगाबाद शहर में विद्युतीकरणके दौरान पुरानी जीटी रोड (तब जीटी रोड) के किनारे बिजली का पोल लगाया गया था. पांच साल पहले इस जगह नाले पर पुल का निर्माण कराया गया, तो पुरानी जीटी रोड की भी चौड़ाई बढ़ायी गयी. सड़क चौड़ी होने के कारण बिजली का खंभा सड़क के बीचोंबीच आ गया. इस पोल को हटाने के लिए वर्षों पहले सड़क के किनारे दूसरे बिजली के पोल गाड़े गये, लेकिन अब तक न तो पोल हटा और नहीं उस पर से तार.
जानलेवा साबित हो सकता है पोल . व्यवसायी अशोक सिंह ने कहा कि सड़क के बीच बिजली का पोल जानलेवा हो सकता है. आये दिन इससे टकरा कर वाहन सवार घायल हो रहे हैं. बिजली विभाग की लापरवाही के
कारण वर्षों से पोल बीच सड़क पर ही खड़ा है. इसे हटाने का प्रयास नहीं किया गया है. मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि बिजली के खंभे से हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए. धर्मशाला मोड़ के पास ही दूध का व्यवसाय करनेवाले उमेश प्रसाद उर्फ बाढू ने कहा कि उक्त बिजली के खंभे से किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है.
