पलामू के उपायुक्त ने सांसदों, विस्थापित किसानों, नेताओं व विभागीय अधिकारियों के साथ की बैठक
औरंगाबाद/अंबा : झारखंड समेत औरंगाबाद जिले के देव, कुटुंबा व नवीनगर प्रखंड के लिए महत्वपूर्ण हड़ियाही सिंचाई परियोजना अधिकारियों की लापरवाही से लटका है. यह बातें पलामू के उपायुक्त के साथ बैठक में उभर कर सामने आयी.
बैठक में औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह, पलामू सांसद बीडी राम व झारखंड विधान सभा के सचेतक सह विधायक राधाकृष्ण किशोर समेत विस्थापित किसानों के नेता व विभागीय अधिकारी मौजूद थे. प्रतिनिधियों ने बताया कि 933 विस्थापितों में से 844 किसानों को ही मुआवजे के रुपये दिये गये हैं. अब तक 114 किसान मुआवजा से वंचित हैं. इससे बाध्य होकर वे गेट को उठा कर सील कर दिये हैं, जिससे पानी जमाव नहीं हो पा रहा है. अधिकारियों द्वारा विस्थापितों से जमीन से संबंधित साक्ष्य की मांग की जा रही है, जो अब किसानों के पास नहीं है.
उपायुक्त के श्रीनिवासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को इस पर पहल करने की बात कहीं. बैठक में भू-अर्जन पदाधिकारी मोहित मुक्ति मंजर, प्रशिक्षु आइएस दिव्यांशु झा, चीफ इंजीनियर मोती लाल पिंघो, छतरपुर एसडीओ अमरेंद्र कुमार सिंहा, औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता रंजीत कुमार रंजन आदि थे.
13 को होगी समन्वय समिति की बैठक : हड़ियाही जलाशल परियोजना में फंसा पेच जल्द ही समाप्त होगा.इसके लिए 13 फरवरी को पुनर्वास कॉडिनेट समिति की बैठक होगी. बैठक में निर्णय लेकर ही आगे का काम किया जायेगा. उपायुक्त ने बताया कि विस्थापित किसानों को उनका उचित मुआवजा मिलेगा. इसके लिए जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गयी है उनके लिए कैंप लगाकर सीओ द्वारा वंशावली के आधार पर उनके भूमि का स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि तीन माह के अंदर डैम के उलझे बिंदुओं को सुलझा लिया जायेगा. इससे बिहार व झारंखड दोनों प्रदेश के किसानों को काफी लाभ मिलेगा.
