जेपी के नाम का इंडोर स्टेडियम का शिलापट्ट मलबे से निकला

समाजसेवियों ने शिलापट्ट को निकाल कर की साफ-सफाई औरंगाबाद (सदर) : गेट स्कूल के समीप स्थ्ति इंडोर स्टेडियम का एक पुराना शिलापट्ट को मलबे से बाहर लाया गया है. मंगलवार को मलबे में तब्दील शिलापट्ट को निकालते हुए स्थानीय लोग व समाजिक कार्यकर्ताओं ने उसकी साफ-सफाई भी की. जयप्रकाश नारायण इंडोर स्टेडियम के नाम से […]

समाजसेवियों ने शिलापट्ट को निकाल कर की साफ-सफाई
औरंगाबाद (सदर) : गेट स्कूल के समीप स्थ्ति इंडोर स्टेडियम का एक पुराना शिलापट्ट को मलबे से बाहर लाया गया है. मंगलवार को मलबे में तब्दील शिलापट्ट को निकालते हुए स्थानीय लोग व समाजिक कार्यकर्ताओं ने उसकी साफ-सफाई भी की.
जयप्रकाश नारायण इंडोर स्टेडियम के नाम से मलबे में दबे शिलापट्ट को जब साफ-सफाई की गयी तो स्पष्ट हुआ कि इस स्टेडियम का शिलान्यास 06 दिसंबर 1993 को तत्कालीन डीएम दीपक कुमार द्वारा किया गया था. शिलापट्ट की जब तस्वीर ली गयी तो उसमें गेट स्कूल के तत्कालीन प्राचार्य डाॅ शंकर दयाल सिंह का नाम भी अंकित था. मलबे से बाहर आने के बाद अस्तित्व में आये शिलापट्ट के बारे मे जानकारी देते हुए समाजसेवी संजय रघुवर, अरविंद प्रसाद, गोपाल प्रसाद, सैफू खान ने बताया कि इंडोर स्टेडियम के लिए जमीन तत्कालीन प्राचार्य डाॅ शंकरदयाल सिंह द्वारा दी गयी थी.
सरकार द्वारा आंवटन प्राप्त होने के बाद करोड़ों रुपये की लागत से बना जयप्रकाश इंडोर स्टेडियम का उद्घाटन पांच वर्ष पूर्व प्रवास यात्रा पर आये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था. इसमें जयप्रकाश का नाम विलुप्त कर दिया गया. उद्घाटन के बाद समाजसेवी व राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार प्रयास करने के बाद भी स्टेडियम से जयप्रकाश का नाम नहीं जुड़ पाया. समाजसेवियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोक नायक, क्रांतिकारी, समाजवादी, जीवनदानी जयप्रकाश नारायण के प्रति प्रशासनिक उपेक्षा का यह व्यवहार बिल्कुल दूख का विषय है.

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