कहीं वर्चस्व के लिए तो नहीं हुई झड़प!

झड़प का कारण बताने से परहेज कर रहे अधिकारी औरंगाबाद (नगर) : मंगलवार की सुबह मंडलकारा में किस बात को लेकर कैदियों के दो गुटों में झड़प हुई, इसे बताने में अधिकारी परहेज कर रहे हैं.फिलहाल, कभी पैसा चोरी होने का मामला बताया जा रहा है, तो कभी मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने का. जेल में […]

झड़प का कारण बताने से परहेज कर रहे अधिकारी
औरंगाबाद (नगर) : मंगलवार की सुबह मंडलकारा में किस बात को लेकर कैदियों के दो गुटों में झड़प हुई, इसे बताने में अधिकारी परहेज कर रहे हैं.फिलहाल, कभी पैसा चोरी होने का मामला बताया जा रहा है, तो कभी मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने का.
जेल में जिन दोनों गुटों में चाकूबाजी हुई है, उनमें दोनों एक से बढ़ कर एक हैं. जालिम सिंह के गिरोह में लुटेरे व अपराधियों की फौज है, जबकि संतोष मेहता के गुट में भी अपराधियों की भरमार है.
जेल सूत्रों की माने तो पता चल रहा है कि दोनों गुट जेल में वर्चस्व चाहते हैं. इसी बात को लेकर दोनों गिरोह में मारपीट हुई है. पैसा चोरी होना या मोबाइल पर प्रतिबंध लगता, तो बहाना भर है. अब सच्चाई क्या है, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. जिलाधिकारी कंवल तनुज पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.
झड़प होने के कारणों पर पेच
सबसे पहले मामला जेल के अंदर से यह आया कि जेल के वार्ड नंबर-नौ में बंद एक कैदी का पैसा चोरी हो गया. इसी कारण विवाद उत्पन्न हुआ है. जेलर प्रदीप कुमार ने बताया कि ऐसा कुछ मामला नहीं है. उन्होंने मोबाइल फोन पर पाबंदी कारण बताया. उन्होंने मारपीट व चाकूबाजी की बात को भी बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है कि सिर्फ हंगामा खड़ा करने के लिए ऐसा किया गया है.
इधर, जख्मी कैदी मुकेश शर्मा ने बताया कि जेल के अंदर में जो कुछ हो रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है. जेल के अंदर आने वाले लोगों से जेल में बंद दबंगों द्वारा पैसा वसूला जाता है, क्योंकि जेल में उनका वर्चस्व चलता है. वे गांजा, पान, बीड़ी, सिगरेट व गुटखा जैसे नशीले पदार्थ का कारोबार करते हैं. मुकेश का कहना है कि विरोध करने पर दबंगों ने मारपीट की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >