गुंजर बिगहा में तीन घरों को भी तोड़ा

हाथियों के झुंड ने मदनपुर के कई गांवों में फसलों को किया बरबाद औरंगाबाद/मदनपुर : 16 जंगली हाथियों के झुंड ने रविवार की रात मदनपुर थाना क्षेत्र में जबदस्त उत्पात मचाया. हाथियों के झुंड देव से मदनपुर आकर आंजन, रछौल, उमगा, मंजरेठी, जुड़ाही, चंदेलपुर गांवों में फसलों को बरबाद किया. ग्रामीणों ने मशाल लेकर उसे […]

हाथियों के झुंड ने मदनपुर के कई गांवों में फसलों को किया बरबाद
औरंगाबाद/मदनपुर : 16 जंगली हाथियों के झुंड ने रविवार की रात मदनपुर थाना क्षेत्र में जबदस्त उत्पात मचाया. हाथियों के झुंड देव से मदनपुर आकर आंजन, रछौल, उमगा, मंजरेठी, जुड़ाही, चंदेलपुर गांवों में फसलों को बरबाद किया. ग्रामीणों ने मशाल लेकर उसे जंगल के रास्ते भगाना चाहा, लेकिन हाथियों के झुंड राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या दो को पार कर बेरी गांव में पहुंच गया, जहां बेरी टोले गुंजर बिगहा में जगलाल यादव, प्रदीप यादव, फगुनी यादव के घरों को तोड़ कर ध्वस्त कर दिया.
चापाकल व चौकी तोड़ डाले. रात दो बजे के करीब गांव वालों ने मशाल लेकर हाथियों के झुंड को पश्चिम दिशा की ओर खदेड़ा, जहां महुआंवा गांव में एक 18 वर्षीय बालक शुभम कुमार सिंह को कुचल कर मार डाला. मौके पर सूचना मिलते ही वन विभाग व मदनपुर थाने की पुलिस पहुंच कर हाथियों को महुआंवा गांव से भगाया. समाचार प्रेषण तक हाथियों के झुंड सलैया व मदनपुर थाने की सीमा पर स्थित प्राणपुर डैम में भरे पानी के पास देखा गया है.
सरकार को कराया जा रहा अवगत
जिला वन पदाधिकारी एसके कर्ण ने कहा कि पूरा वन विभाग अपनी टीम के साथ विगत 15 दिनों से इन हाथियों को जंगल के रास्ते झारखंड की सीमा में भगाने के प्रयास में लगा है. लेकिन हाथी आतकंवादी से भी खतरनाक हो चुके हैं.
पूरा टीम इन्हें घेर कर जंगल की ओर भगा देता हैं, ताकि हाथियों के झुंड जंगल के रास्ते झारखंड की ओर चले जाये. लेकिन लोगों के हटते ही रात में इन हाथियों के झुंड गांव की ओर रूख कर देते है. जहां जान-माल व फसलों को नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आते. इसकी हर गतिविधि की सूचना वन विभाग रोज-रोज सरकार को अवगत करा रही है. बंगाल से विशेष टीम को हाथियों के झुंड को भगाने के लिए बुलाया गया है.
मशाल के माध्यम से हाथियों को भगाया जाता है. औरंगाबाद जिले में दो युवकों की मौत हाथियों द्वारा की गयी है. उनके परिवार को मुआवजा के रूप में पांच-पांच लाख रूपये दिये जायेंगे. साथ ही घायल होनेवाले को 48 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है. जिन लोगों के कच्चा का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है, उन्हें 24 हजार रुपये दिये जायेंगे.
बचने के उपाय
डीएफओ सुधीर कुमार कर्ण ने बताया कि हाथियों के झुंड भटक कर औरंगाबाद जिले में प्रवेश कर गया है. इससे बचने के लिए लोग शाम में घर के बाहर आग को जला दें, ताकि हाथी किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सके. जो हाथी जंगल से भटक कर आ जाते हैं वे तनाव में रहते है. इसलिए उसके पास छेड़छाड़ आम लोग नहीं करें. खुद हाथी वहां से चले जायेंगे. अब तक जिन दो लोगों की मौत हुई वे लोग हाथियों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे. फिलहाल दो दिनों से हाथियों को भगाने के लिए दिन-रात प्रयास कर रहे है.
पुलिस व वन विभाग दिख रहे असहाय
जंगली हाथियों द्वारा मदनपुर व देव के इलाकों में बिगत 15 दिनों से मचाये गये उत्पात से दहशत का माहौल कायम हो चुका है. पहले तो जंगलतटीय क्षेत्र के गांवों में दहशत कायम था. लेकिन रविवार की रात बेरी व महुआंव में हाथियों द्वारा मचाये गये उत्पात से कोई भी गांव के ग्रामीण अपने आप के सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे है. अपने बच्चों व परिवार के साथ घरों में रह रहे हैं. पुलिस व वन विभाग के कर्मचारी इन हाथियों को नियंत्रित करने में असहाय दिख रहे हैं.

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