शहर का शाहपुर नाला बन गया ''कूड़ादान''

औरंगाबाद कार्यालय : शहर से होकर गुजरी शाहपुर नाला में पानी निकलने के सारे रास्ते उसमें डाले गये कूड़े व गंदगी से बंद हो गये हैं. पानी जमाव कई जगहों पर हो गया है और उसमें डाले जा रहे कूड़े कचरे से दुर्गंध निकलने लगी है. लोग इससे भयभीत हैं. आम लोगों में डर है […]

औरंगाबाद कार्यालय : शहर से होकर गुजरी शाहपुर नाला में पानी निकलने के सारे रास्ते उसमें डाले गये कूड़े व गंदगी से बंद हो गये हैं. पानी जमाव कई जगहों पर हो गया है और उसमें डाले जा रहे कूड़े कचरे से दुर्गंध निकलने लगी है.
लोग इससे भयभीत हैं. आम लोगों में डर है कि कहीं इससे प्राणघात बीमारिया न फैल जाये. नाले के समीप रहनेवाले लोग इस बात से भी भयभीत दिख रहे हैं कि बड़े प्रजाति के मच्छर नाले से निकल कर आसपास के घरों में प्रवेश कर जा रहे है और लोग मच्छरों के काटने से डेगू जैसी बीमारी की चिंता से चिंतित है.
लेकिन अभी तक इस पर नगर पर्षद गंभीर दिखायी नहीं दे रही है. न तो नाले में कूड़ा डालने वालों को रोकने के लिए कोई प्रयास किया जा रहा है और न ही नाली की सफाई ही हो रही है. सबसे गंभीर बात यह है कि नगर पर्षद द्वारा मच्छरों को मारने के लिए न तो फाॅगिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है न ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किया जा रहा है. ऐसे में यह कहना कोई गलत नहीं होगा कि आमलोगों की जिंदगी को लेकर नगर पर्षद चिंतित नहीं है.
कहीं कूड़ादान नहीं : शाहपुर नाला में सैकड़ों टन कचरा भरा हुआ है. टिकरी रोड के पुल से पुरानी जीटी रोड के पुल तक की स्थिति यह है कि आसपास के घर, मुहल्ले का कचरा लोग इसी नाला में फेंकते हैं. पुरानी जीटी रोड के समीप के दुकानदार तो इसे कूड़ादान के रूप में उपयोग कर रहे हैं. दुकानदारों के साथ विवशता यह है कि धर्मशाला मोड़ से धरनीधर मोड़ के बीच कोई कूड़ादान नहीं रखा गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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