अधिकारियों व कर्मचारियों ने जात-पांत से ऊपर उठ कर मतदान करने की ली शपथ
औरंगाबाद (नगर) : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया. इस अवसर पर सबसे पहले स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा जागरूकता रैली निकाली गयी, जिसे उप निर्वाची पदाधिकारी जयकिशोर सिंह ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया.
इसके बाद समाहरणालय परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी कंवल तनुज शामिल हुए. इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों व उपस्थित लोगों को जिलाधिकारी ने निर्भीक, निष्पक्ष व जात-पांत से ऊपर उठ कर मतदान करने से संबंधित शपथ दिलायी. संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जितना अधिक मतदाता भारत में हैं उतना अधिक मतदाता किसी देश में नही हैं.
जब तक शत-प्रतिशत मतदाताओं की भागीदारी नहीं होगी, तब तक सशक्त लोकतंत्र की स्थापना की परिकल्पना नहीं की जा सकती है. जब मतदाता उदासीन थे और लोकतंत्र के प्रति जागरूक नहीं थे, तो मतदाताओं को जागरूक करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने का निर्णय 2011 में लिया. आज इसका परिणाम है कि पूरे देश में मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई है. जिलाधिकारी ने कहा कि आज ही के दिन भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ था. आजादी हमें बहुत संघर्ष करने के बाद मिली है.
इसी का परिणाम है कि हम सभी लोग एक छत के नीचे बैठे हुए है.70 वर्ष पहले यह नहीं पता चलता था कि हम लोग कहां और किस मुल्क में हैं. जो लोग मुल्क के नाम लेते थे उन पर लाठियां अंगरेजों द्वारा बरसायी जाती थी. बावजूद हमलोगों ने लड़कर आजादी को उनके हाथों से छीन लिया. आज घर के कुछ लोग इसी मुल्क के बारे में बुराई कर रहे हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. प्रयास करें कि सभी को एक साथ लेकर चले, ताकि हम ही लोगों के बीच से कोई अधिकारी बने तो कोई राजनेता.
कुछ लोग बंदी करते हैं. पोस्टर चिपकाक कर कहते हैं कि गणतंत्र कुछ नहीं है. उनलोगों से पूछना चाहते हैं कि उनका विकल्प क्या है. हमारे पास लोकतंत्र का सबसे बड़ा हथियार है. हमें अधिकार मिला है, मांगों को लेकर लड़ाई करने का. लेकिन वे लोग लड़ाई नहीं कर रहे हैं बल्कि बच्चों के हाथों से किताब छीन कर उनके हाथों में बंदूक पकड़ा दे रहे है.
क्या यही सही कल्पना है आजादी का. यही बच्चा जब जवान होगा तो गोली चलायेगा. यही चाहते हैं नक्सली और आतंकवादी. लेकिन ऐसा नहीं होने देंगे. आतंकवाद व नक्सलवाद को जड़ से खत्म करना है. जो लोग समाज में गुमराह पैदा कर रहे हैं वे सचेत हो जायें. यदि उनके पास बम है तो हिंदुस्तान में भी बम की कमी नहीं है. आतंकवाद, नक्सलवाद बमों की गिनती करना छोड़ दें. बंदूक उठाना हारी हुई मानसिकता का परिणाम है. हम सभी लोग कानून के दायरा में बंधे हुए हैं. संविधान ही सर्वोच्च है. कार्यक्रम की देखरेख शिक्षक उदय कुमार सिंह ने की.
कार्यक्रम समाप्ति के उपरांत कलाकरों द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया. इस मौके पर डीडीसी संजीव कुमार सिंह, एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ जर्नादन अग्रवाल, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी राजेश कुमार, उपनिर्वाची पदाधिकारी जयकिशोर सिंह, सहायक निर्वाची पदाधिकारी सरफराज नवाज, एसडीपीओ पीएन साहू, स्काउट एंड गाइड के श्रीनिवास सिंह, नेहरू युवा के जिला युवा समन्वयक केके सिंह, सिद्धेश्वर विद्यार्थी प्रमुख रूप से उपस्थित थे. इस दौरान अच्छे काम करने वाले बीएलओ को सम्मानित किया गया. वहीं नये मतदाताओं को पहचान पत्र डीएम ने अपने हाथों से दिया.
