टीपीसी व माओवादी हुए आमने-सामने

औरंगाबाद (ग्रामीण) : औरंगाबाद जिले में वैसे, तो कई नक्सली संगठन कार्य कर रहे हैं, लेकिन भाकपा माओवादी संगठन का प्रभाव ज्यादा है. वैसे, हाल के दिनों में एक और नक्सली संगठन टीपीसी(तृतीय प्रस्तुत कमेटी) से इस संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है. इन दोनों संगठनों के बीच अघोषित युद्ध जारी है. इसका परिणाम भयावह […]

औरंगाबाद (ग्रामीण) : औरंगाबाद जिले में वैसे, तो कई नक्सली संगठन कार्य कर रहे हैं, लेकिन भाकपा माओवादी संगठन का प्रभाव ज्यादा है. वैसे, हाल के दिनों में एक और नक्सली संगठन टीपीसी(तृतीय प्रस्तुत कमेटी) से इस संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है.

इन दोनों संगठनों के बीच अघोषित युद्ध जारी है. इसका परिणाम भयावह दिख रहा है. खासकर नवीनगर और कुटुंबा के इलाकों में. इन दोनों संगठनों के बीच अघोषित युद्ध में आम लोग पिस रहे हैं. भाकपा माओवादी मानती है कि पुलिस और टीपीसी के बीच सांठगांठ है और इसका खामियाजा माओवादी संगठन को उठाना पड़ रहा है.

मंगलवार को नवीनगर में हुई घटना के बाद माओवादी संगठन के प्रवक्ता ने घटना की जिम्मेवारी लेते हुए इसे पुलिस गंठजोड़ व ग्रीन हंट का कारण बताया.

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