औरंगाबाद (ग्रामीण) : जिन गरीबों के पास रहने के लिए एक छत भी नसीब नहीं है उनका अपना घर होगा. वह भी बहुत जल्द है. इस मकान का लाभ उन गरीबों को उपलब्ध होगा,जिनके पास अधिक से अधिक 30 गज जमीन होगा. औरंगाबाद नगर पर्षद नये साल में 30 गज वाले लगभग 500 गरीबों को छत उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है.
केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही है सबके लिए आवास योजना को मूर्त रूप देने का कार्य प्रारंभ हो गया है. इसके लिए लाभुकों से जल्द ही आवेदन लिये जायेंगे या गरीबों को मकान के लिए चिह्नित करने की प्रक्रिया नगर पर्षद जल्द ही शुरू करेगी. इसमें थोड़ी अड़चने है, जिसे समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है.
नगर पर्षद के वार्ड पार्षदों की सहमति असल लाभुकों के लिए ली जायेगी. मकान के एवज में गरीबों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा, बल्कि सिर्फ कागजी कोरम को पूरा करना पड़ेगा. जिन व्यक्तियों के पास 30 गज जमीन के अलावे अन्य जमीन है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा. जो लाभुक होंगे उन्हें मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार से डेढ़ लाख व राज्य सरकार से 50 हजार रुपये प्राप्त होंगे. रुपये लाभुकों के खाते में मिलेगा. सबके लिए आवास योजना के बारे में जानकारी देते हुए नगर पर्षद के मुख्य पार्षद श्वेता गुप्ता ने बताया कि मकान पाने वाले गरीबों को मालिकाना जमीन, अंचल की रसीद व एलपीसी के साथ आधार कार्ड व बैंक खाता नगर पर्षद को उपलब्ध कराना होगा.
आवेदनों के साथ-साथ जमीन की जांच करायी जायेगी. इसके बाद संबंधित वार्ड के वार्ड पार्षद से सहमति ली जायेगी. असल लाभुकों को पूरी ईमानदारी के साथ चिह्नित किया जायेगा. जन धन योजना के खाते को प्रमुखता दी जायेगी. वर्ष 2016 के अंत तक लगभग 500 गरीबों को मकान देने का लक्ष्य रखा गया है.
