सड़क पर उतरे, किया प्रदर्शन

– 17 सूत्री मांगों को लेकर विस्थापित किसानों का फूटा गुस्सा – प्रशासन पर लगाया विस्थापित किसानों की अनदेखी का आरोप – किसानों ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम औरंगाबाद (कोर्ट) : विस्थापित किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले एनपीजीसी के विस्थापित किसानों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय के सामने एक […]

– 17 सूत्री मांगों को लेकर विस्थापित किसानों का फूटा गुस्सा

– प्रशासन पर लगाया विस्थापित किसानों की अनदेखी का आरोप

– किसानों ने दिया 15 दिनों का अल्टीमेटम

औरंगाबाद (कोर्ट) : विस्थापित किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले एनपीजीसी के विस्थापित किसानों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान सैकड़ों की तादाद में विस्थापित किसान उपस्थित थे.

इसमें महिलाएं भी शामिल थीं. विस्थापित किसानों ने 17 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया और मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी अभिजीत सिन्हा को सौंपा. विस्थापित किसानों ने कहा कि प्रशासन विस्थापित किसानों की उपेक्षा कर रही है. उनके द्वारा की गयी मांगों का निबटारा नहीं किया जा रहा है.

किसानों ने कहा कि किसानों के लंबित मांगों को पूरा करने का आश्वासन पूर्व जिलाधिकारी द्वारा किसानों की आमसभा में दिया गया था. उस वक्त मौखिक आश्वासन ही दिया गया था, जिसके आधार पर किसानों ने अपनी भूमि बिना मुआवजा प्राप्त किये एनपीजीसी परियोजना को कार्य करने के लिए सौंप दिया गया था. इसके बाद परियोजना का काम शुरू हुआ.

लेकिन, उनकी मांगों को पूरी नहीं किया गया. इससे किसानों में रोष व्याप्त है. किसानों ने प्रशासन से शीघ्र ही मांगों को पूरा करने की बात कही है, अन्यथा वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे. इस धरना की अध्यक्षता मेह पंचायत के मुखिया प्रबल सिंह व संचालन सुरेंद्र कुमार सिंह ने किया. इस मौके पर समिति के अध्यक्ष भीम सिंह, महासचिव अरविंद कुमार सिंह, सिद्धेश्वर सिंह, उर्मिला कुंवर, गंगादयाल यादव आदि उपस्थित थे.

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