जिले में फिर सिर उठाने लगे अपहर्ता

– दस साल पहले एक चिकित्सक के बेटे का हुआ था अपहरण – सात साल बाद हुई अपहरण की घटना औरंगाबाद कार्यालय : पटना के लोकनायक अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक देवेंद्र कुमार का अपहरण जिले में चिकित्सक की अपहरण की यह पहली घटना है. इसके पहले किसी चिकित्सक का अपहरण नहीं हुआ था. 10 साल […]

– दस साल पहले एक चिकित्सक के बेटे का हुआ था अपहरण

– सात साल बाद हुई अपहरण की घटना

औरंगाबाद कार्यालय : पटना के लोकनायक अस्पताल में पदस्थापित चिकित्सक देवेंद्र कुमार का अपहरण जिले में चिकित्सक की अपहरण की यह पहली घटना है. इसके पहले किसी चिकित्सक का अपहरण नहीं हुआ था. 10 साल पूर्व हसपुरा में एक चिकित्सक के पुत्र का अपहरण किया गया था.

जहां तक अपहरण की घटना का मामला है, तो इस जिले में सात साल बाद अपहरण की कोई घटना हुई है. डॉ देवेंद्र कुमार हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं. औरंगाबाद सदर अस्पताल में जब ये पदस्थापित थे, तो इस अस्पताल में हड्डी रोग से संबंधित बीमारियों का इलाज कर काफी ख्याति प्राप्त की थी.

उस वक्त यहां सिविल सजर्न के रूप डॉ मंजु माला पदस्थापित थीं. यही नहीं उनकी पत्नी नीलम चौधरी भी इनके समय काल में सदर अस्पताल के महिला चिकित्सक थीं. उनकी नियुक्ति अनुबंध पर की गयी थी. जब देवेंद्र कुमार का स्थानांतरण पटना हो गया, तो उनकी पत्नी भी सरकारी सेवा छोड़ कर निजी क्लिनिक चलाने लगीं.

200 गज की दूरी में हुई घटना

डॉ देवेंद्र कुमार की पत्नी नीलम चौधरी का क्लिनिक और आवासीय दोनों की दूरी रमेश चौक से 200 गज है. आवासीय क्लिनिक जेके होटल के पीछे है. जो रमेश चौक से बाइपास जाने वाले मुख्य पथ से मात्र 50 गज पूरब है.

डॉ देवेंद्र कुमार अपनी पत्नी के आवास से निकले, तो रमेश चौक भी नहीं पहुंचे तभी उनका अपहरण हो गया.

योजनाबद्ध तरीके से दिया घटना को अंजाम

डॉ देवेंद्र कुमार के अपहरण के बारे में जो भी कयास लगाये जा रहे हैं, उसके अनुसार यह घटना योजना बना कर की गयी है. अगर अपराधी योजना बना कर घटना का अंजाम नहीं देते, तो 200 गज की दूरी खड़ी गाड़ी तक पहुंच ही जाते.

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