Aurangabad News: जिले के कासमा स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय (जीईसी) के स्टार्टअप प्रकोष्ठ द्वारा एक दिवसीय विशेष जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की प्रमुख पहल स्टार्टअप इंडिया के तहत यह आयोजन ‘तेजस’ (ट्रांसफॉर्मिंग एंटरप्रेन्योरियल जर्नी अक्रॉस स्टेट्स एंड डिस्ट्रिक्ट्स) कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ. इसका मुख्य उद्देश्य तकनीकी छात्रों में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति का संचार कर उन्हें राष्ट्रीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से सीधे जोड़ना था.
दीप प्रज्वलन से शुरुआत, 450 से अधिक छात्र हुए शामिल
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अतिथियों और शिक्षकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस कार्यशाला में संस्थान के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों के 450 से अधिक विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया. तकनीकी सत्रों के दौरान छात्रों को सरकारी योजनाओं, सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन सपोर्ट, वित्तीय सहायता और नवाचार को व्यावसायिक रूप देने के तरीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया.
नौकरी ढूंढने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें: प्राचार्य
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मणि ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि "वर्तमान युग में तकनीकी शिक्षा का दायरा केवल उपाधि या डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि समाज के समक्ष मौजूद जटिल समस्याओं का तकनीकी व व्यावहारिक समाधान खोजना ही असली इंजीनियरिंग है." उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे सिर्फ रोजगार की तलाश में न भटकें, बल्कि स्टार्टअप के माध्यम से सफल उद्यमी बनकर समाज के अन्य युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित करें.
उद्योग विभाग की योजनाओं और वित्तीय अनुदान की जानकारी
जिला उद्योग केंद्र, औरंगाबाद के महाप्रबंधक संजीव कुमार ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार के उद्योग विभाग द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने छात्रों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, सब्सिडी, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय ऋण संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए तकनीकी विचारों को व्यवहार्य व्यवसाय में तब्दील करने का सुझाव दिया.
डीपीआईआईटी रेकग्निशन और मेंटरशिप पर विशेष सत्र
स्टार्टअप इंडिया–तेजस के राष्ट्रीय समन्वयक एहसान माथुर ने केंद्र सरकार के स्टार्टअप मिशन और डीपीआईआईटी की भूमिका को स्पष्ट किया. उन्होंने विद्यार्थियों को डीपीआईआईटी मान्यता, टैक्स छूट, एंजेल इन्वेस्टर्स तक पहुंच, मेंटरशिप और इनक्यूबेशन नेटवर्क की बारीकियों से अवगत कराया.
इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय के स्टार्टअप प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. आनंद राज ने छात्रों से कॉलेज के स्टार्टअप सेल से निरंतर जुड़े रहने का आग्रह किया और कहा कि दुनिया का हर बड़ा उद्योग एक छोटे से नए विचार से ही प्रारंभ होता है. वहीं स्टार्टअप समन्वयक आनंद कुमार ने छात्रों को राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय हैकाथॉन एवं आइडिया प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर उद्योग विभाग के प्रतिनिधि कन्हैया सहित कॉलेज के शिक्षक, प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
