सदर अंचल में दाखिल खारिज के सर्वाधिक 43 मामले लंबित, डीएम ने जतायी नाराजगी

AURANGABAD NEWS.कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की समीक्षा की गयी. जिसमें दाखिल-खारिज, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा (फेस-2), आंबेडकर समग्र सेवा समाधान योजना, सीएम डैशबोर्ड, इ-मापी, परिमार्जन प्लस, भू-लगान व अतिक्रमण जैसे विषयों की समीक्षा की गयी.

जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की समीक्षा

प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर.

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की समीक्षा की गयी. जिसमें दाखिल-खारिज, आधार सीडिंग, अभियान बसेरा (फेस-2), आंबेडकर समग्र सेवा समाधान योजना, सीएम डैशबोर्ड, इ-मापी, परिमार्जन प्लस, भू-लगान व अतिक्रमण जैसे विषयों की समीक्षा की गयी. दाखिल-खारिज मामलों की स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि जिले में कुल 85 मामले 75 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, जिनमें औरंगाबाद सदर अंचल में सर्वाधिक 43 मामले लंबित हैं. इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं हसपुरा अंचल में इस अवधि से संबंधित कोई भी लंबित मामला नहीं पाया गया, जिसे संतोषजनक माना गया. अभियान बसेरा फेस-2 के अंतर्गत अब तक जिले में 2228 लाभुकों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 1524 लाभुकों को भूमि पर्चा वितरित किया जा चुका है. वहीं 659 आवेदक पर्चा वितरण के लिए अयोग्य घोषित किये गये है.. शेष आवेदनों की यथाशीघ्र जांच कर योग्य लाभुकों को पर्चा वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश भी बैठक में दिया गया. आंबेडकर समग्र सेवा समाधान योजना के अंतर्गत विशेष शिविरों में वासगत पर्चा के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पात्र आवेदनों की शीघ्र जांच कर चिन्हित भूमि पर पर्चा प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे वंचित वर्गों को लाभ सुनिश्चित हो सके. आधार सीडिंग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 83 प्रतिशत रैयतों की जमाबंदी रिकॉर्ड को आधार से लिंक कर लिया गया है. शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया, ताकि सभी राजस्व अभिलेखों को डिजिटल रूप में अद्यतन और समेकित किया जा सके. जिलाधिकारी ने भूमि सर्वेक्षण कार्यों को सशक्त और सटीक बनाने के उद्देश्य से इ-मापी योजना के क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए कहा कि खेत स्तर पर डिजिटल नक्शों का सत्यापन और अद्यतन कार्य तेज गति से कराया जाए. इससे न केवल भू-संबंधित विवादों में कमी आयेगी, बल्कि जमाबंदी आधारित सत्यापन की प्रक्रिया भी पारदर्शी और प्रभावी होगी. परिमार्जन प्लस योजना के तहत जमाबंदी रिकॉर्ड में त्रुटियों के सुधार, अद्यतन और समयबद्ध प्रविष्टि को लेकर निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना भूमि अभिलेखों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है. इसके प्रभावी क्रियान्वयन से राजस्व योजनाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आोगा. बैठक में भू-लगान की अद्यतन स्थिति, अतिक्रमण की पहचान और उसकी कार्रवाई, व भूमि विवादों के समाधान की दिशा में की गई प्रगति की भी समीक्षा की गयी. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक शनिवार को सभी अंचल कार्यालयों में भूमि विवाद संबंधी मामलों की बैठक गंभीरता से आयोजित की जाए, ताकि विवादों का त्वरित और न्यायसंगत निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके. मौके पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, प्रभारी राजस्व शाखा बेबी प्रिया सहित जिले के सभी अंचलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी उपस्थित थे.

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