प्रभार मिलते ही पद खाली

जिला मलेरिया विभाग में समस्याओं का है मकड़जाल औरंगाबाद (नगर) : जब विभाग ही मरा हो तो उससे उम्मीद करना भी बेमानी है. कार्यालय को देखने से ही लगता है कि यहां काम करनेवाले पदाधिकारी व कर्मचारी किस तरह मुस्तैद रहते होंगे. कार्यालय के अंदर प्रवेश करते ही असलियत सामने आ जाती है. हम बात […]

जिला मलेरिया विभाग में समस्याओं का है मकड़जाल

औरंगाबाद (नगर) : जब विभाग ही मरा हो तो उससे उम्मीद करना भी बेमानी है. कार्यालय को देखने से ही लगता है कि यहां काम करनेवाले पदाधिकारी कर्मचारी किस तरह मुस्तैद रहते होंगे. कार्यालय के अंदर प्रवेश करते ही असलियत सामने जाती है. हम बात कर रहे हैं औरंगाबाद जिला मलेरिया विभाग का.

विभाग में समस्याओं का मकड़जाल है. इस विभाग में कर्मचारियों की घोर कमी है. ताज्जुब तो इस बात की है कि जिस व्यक्ति को विभाग की जिम्मेवारी दी जाती है, उसका पद ही खाली हो जाता है. अस्पताल से जुड़े सूत्रों पर यकीन करें, तो वह अधिकारी प्रभार लेने से ही कतराता है. यानी मलेरिया पदाधिकारी का.

विभाग में चार इंस्पेक्टर, 11 ब्लॉक सुपरवाइजर, 33 हेल्थ वर्कर का पद है, जिसमें इंस्पेक्टर का पद रिक्त है. 33 हेल्थ वर्कर में सिर्फ तीन ही काम कर रहे हैं, जबकि 11 ब्लॉक सुपरवाइजर में एक सुपरवाइजर मदनपुर में काम कर रहा है, बाकी प्रखंडों में कई वर्षो से पद रिक्त है.

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि यह विभाग लोगों के स्वास्थ्य के प्रति कितना जागरूक है.

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