जिले में भी डेंगू का प्रभाव

।। ओमप्रकाशप्रीत।। भरथौली गांव के एक व्यक्ति में मिला डेंगू का लक्षण औरंगाबाद : जिले में अभी तक डेंगू के मरीज नहीं मिलने की सूचना पर लोग थोड़ा राहत महसूस कर रहे थे. जिले के लोग ऐसी मन्नत मांग रहे थे कि सासाराम व भभुआ की तरह औरंगाबाद में भी डेंगू न फैले, लेकिन उनकी […]

।। ओमप्रकाशप्रीत।।

भरथौली गांव के एक व्यक्ति में मिला डेंगू का लक्षण

औरंगाबाद : जिले में अभी तक डेंगू के मरीज नहीं मिलने की सूचना पर लोग थोड़ा राहत महसूस कर रहे थे. जिले के लोग ऐसी मन्नत मांग रहे थे कि सासाराम भभुआ की तरह औरंगाबाद में भी डेंगू फैले, लेकिन उनकी नहीं सुनी गयी और मंगलवार को औरंगाबाद के भरथौली निवासी भोला सिंह नामक एक व्यक्ति में डेंगू के लक्षण पाये गये. इसके बाद से जिले के लोगों में भी दहशत है.

पहले भी मिले थे दो मरीज

डेंगू के डंक से पहले भी दो लोग बीमार पड़ चुके हैं. जून में हसपुरा प्रखंड के एक किशोर की जांच में डेंगू होने के संकेत मिले थे. इसके बाद जुलाई में भी एक अन्य मरीज में डेंगू के लक्षण पाये गये थे, जिसका इलाज उच्च स्तरीय अस्पताल में कराया जा रहा है, लेकिन इस बीच सरकारी स्तर पर डेंगू से निबटने का कोई रास्ता नहीं निकाला गया.

अब जब पड़ोस के जिले डेंगू के कहर से जूझ रहे तब भी औरंगाबाद का स्वास्थ्य महकमा और नगर पर्षद खामोश है. बताते चले कि पड़ोस के जिले कैमूर में डेंगू मरीज की संख्या दो दर्जन को पार कर चुकी है.

नहीं दिख रही कोई योजना

डेंगू से बचाव के लिए कोई विशेष कार्य योजना सदर अस्पताल में नहीं दिख रही. वैसे स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों का कहना हैं कि डेंगू से निबटने के लिए पूरी तैयारी है. इसके लिए अस्पताल में एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है, लेकिन डेंगू की जांच की कीट और प्लेटलेट्स की कमी साफ दिखती है.

मंगलवार को जब एक डेंगू का मरीज सदर अस्पताल में पहुंचा तो यहां की व्यवस्था ने स्पष्ट कर दिया कि डेंगू के मरीजों की जांच चिकित्सा के लिए कोई योजना काम नहीं कर रही.

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