Video: दो पिकअप में भर कर ले जा रहे थे 22 गाय, औरंगाबाद में यूपी का चालक हुआ गिरफ्तार

Aurangabad News: गौ ज्ञान फाउंडेशन की टीम ने 22 गायों को तस्करी होने से बचा लिया. इस मामले में पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.

Aurangabad News: औरंगाबाद में गौ ज्ञान फाउंडेशन की टीम ने शुक्रवार को दो अलग-अलग पिकअप में निर्ममता पूर्वक भर कर ले जा रहे 22 गायों को जब्त किया है. इस मामले में एक पिकअप चालक को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे पिकअप वाहन का चालक फरार हो गया. पकड़ा गया ड्राइवर अनीश यूपी के मथुरा जिला अंतर्गत कोसीकुला थानाक्षेत्र के सवाबाड़ी वास का रहने वाला है. फाउंडेशन के सदस्यों ने उसे पुलिस को सौंप दिया है.

पंचदेव धाम गौशाला में रखी गई गायें

गायों को देखरेख के लिए बभंडीह स्थित पंचदेव धाम गौशाला में रखा गया है. फाउंडेशन के स्वयंसेवक मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रायपुरा गांव निवासी सुजीत कुमार सिंह ने रिसियप थाना में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराया है. उन्होंने पुलिस को बताया है कि उन्हें सूचना मिली थी कि बिहार झारखंड के बॉर्डर समीप स्थित संडा मेला से पशुओं को दो पिकअप वाहन में लादकर ले जाया जा रहा है. सूचना के आधार पर स्वयंसेवक निलेश कुमार तथा रोशन कुमार के साथ रिसियप पहुंचा तथा झारखंड की ओर से आ रहे दो पिकअप वाहन को रुकवा कर तलाशी ली गई, जिसमें क्रूरता पूर्वक मवेशियों को भरकर ले जाया जा रहा था.

एक पिकअप वाहन में 14 मवेशियों को लोड किया गया था जबकि दूसरे में आठ मवेशी थे. इस क्रम में एक वाहन का चालक फरार हो गया. दूसरे चालक से पशुओं कागजात की मांग की गई तो उसमें कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं किया. इसकी सूचना पुलिस को दी गई.

एसएचओ ने क्या बताया

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने पिकअप वाहन और गोवंश को जब्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया गया. थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि स्वयंसेवक द्वारा प्राप्त आवेदन पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है. संडा मेले से बड़े पैमाने पर पशुओं की अवैध तस्करी की जाती है. पशु तस्कर यहां से पशुओं को खरीद कर बंगाल तथा अन्य स्थानों पर ले जाते हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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