बराज से उत्तर कोयल मुख्य नहर में छोड़ा गया 1647 क्यूसेक पानी

आज से अंबा व सदर डिवीजन क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद, कोयल नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर नहर को किया गया था बंद

आज से अंबा व सदर डिवीजन क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद

कोयल नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर नहर को किया गया था बंद

प्रतिनिधि, औरंगाबाद/कुटुंबा.

सदर डिवीजन क्षेत्र के हजारों एकड़ भूमि सिंचित करने वाले उत्तर कोयल नहर का संचालन शुरू कर दिया गया है. इसके पहले कोयल नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. इसकी वजह से बराज के राइट साइड के तीनों गेटों को डाउन कर नहर बंद कर दिया गया था. इधर, तीन दिनों से बारिश पूरी तरह से थम गयी है. पिछले दिनों के मूसलाधार वर्षा का पानी मेढ़ तोड़कर खेत से बाहर निकल गये है. अब जुताई की खेत सूख रही है. किसान परेशान होकर बेसब्री से नहर के पानी का इंतजार कर रहे हैं. मोहम्मदगंज के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर विनीत प्रकाश ने बताया कि शनिवार की दोपहर में भीम बराज से 1647 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. फिलहाल बराज का वाटर पौंड लेबल मेंटन कर 21022 क्यूसेक पानी डाउन साइड में बहाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि झारखंड के इलाके में 103 आरडी पर बढ़ते क्रम में बिहार को 800 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया गया है. इधर, नवीनगर डिवीजन के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार ने बताया कि 450 क्यूसेक पानी यहां के किसानों के लिए रखकर तकरीबन 350 क्यूसेक पानी अंबा डिवीजन के लिए छोड़ा गया है. वैसे अंबा डिवीजन के किसी भी वितरणी में अब तक पानी नहीं है पर इसके जल्द चालू होने की उम्मीद है.

नहर बंद होने से किसानों को हुई दिक्कत

बाढ़ के दौरान नहर बंद रखने से किसानों को दिक्कत हुई है. मेन कैनाल के आरडी 152 से होकर गुजरने वाली महुअरी उप वितरणी अभी तक सूखी हुई है. उक्त क्षेत्र के एसडीईओ उमा कांत से संपर्क करने पर बताया कि मुख्य नहर में पानी धीरे-धीरे बढ़ रहा है, पर अभी वितरणियों का संचालन शुरू संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि सब कुछ अनुकूल रहा तो देर रात तक अंबा के सभी नहरों में पानी आने लगेगा. चार दिन पहले इधर भारी बारिश हुई थी, जिसके वजह से क्यारियां जलमग्न हो गयी थी. धूप उगते के साथ ही जुताई की खेत खराब हो रही है. इधर झारखंड के पठारी भाग की मूसलाधार बारिश से कोयल नदी उफान पर थी.ऐसे में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बराज का 38 गेटों को ऑन कर 2.68 लाख क्यूसेक पानी सोन नदी की ओर बहाने को मजबूर हो गये थे. बाढ़ की वजह से नहर में बालू न टाले इसको लेकर नहर बंद रखा गया था. तीन दिनों से बारिश नहीं हो रही है, बाढ़ का पानी क्यारी के रास्ते बह गया, क्यारियां फिर से सूख गयी है. नहर भी अभी बंद है. ऐसी स्थिति में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है.पुनः नहर का संचालन शुरू होने की खबर से किसान खुश हैं.

क्या बताते हैं अफसर

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने कहा कि उत्तर कोयल नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर नहर को सुरक्षित रखने के लिए राइट साइड कैनाल का गेट डाउन कर पानी रोक दिया गया था. इधर, बाढ़ में कमी आयी है, इसके पश्चात पुनः नहर का शुरू कर दिया गया है. आज रविवार से अंबा के साथ-साथ सदर डिवीजन क्षेत्र के किसानों को धान के फसल लगाने के लिए फिर से पानी मिलने लगेगा.

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By Sujit kumar

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