औरंगाबाद : व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांच सुनील दत्त पांडेय की अदालत ने कोर्ट में केस डायरी नहीं देने के बाद संज्ञान लेते हुए मदनपुर थानाध्यक्ष के वेतन से प्रतिदिन 500 रुपये राशि कटौती करने का निर्देश दिया है. आदेश की कॉपी डीएम, एसपी व जिला कोषागार पदाधिकारी को भेज दी गयी है. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि मदनपुर थाना कांड संख्या 112/19 के आरोपित संजय भुइंया ने जमानत के लिए 18 जुलाई 2019 को कोर्ट में अर्जी लगायी थी.
मदनपुर थानाध्यक्ष के वेतन से प्रतिदिन कटेंगे 500
औरंगाबाद : व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांच सुनील दत्त पांडेय की अदालत ने कोर्ट में केस डायरी नहीं देने के बाद संज्ञान लेते हुए मदनपुर थानाध्यक्ष के वेतन से प्रतिदिन 500 रुपये राशि कटौती करने का निर्देश दिया है. आदेश की कॉपी डीएम, एसपी व जिला कोषागार पदाधिकारी को भेज दी […]

जिसके बाद कोर्ट ने थानाध्यक्ष से केस डायरी कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया था. उसके बाद भी थानाध्यक्ष द्वारा केस डायरी नहीं दिया गया. जिसपर उन्होंने थानाध्यक्ष से शो-कॉज पूछा. जब इस पर भी जवाब नहीं दिया गया तो कोर्ट के आदेश का अवमानना मानते हुए वेतन कटौती करने का निर्देश दिया. संजय भुइयां के उपर डायन-भूत्त बताकर एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालने का आरोप है.
कुटुंबा थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण
औरंगाबाद शहर. व्यवहार न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी मनोज कुमार ने कुटुंबा थानाध्यक्ष से शो कॉज पूछा है. मारपीट से संबंधित एक प्राथमिकी कुटुंबा थाना में वर्ष 2003 में चिल्हकी निवासी सुनील गोस्वामी के बयान पर दर्ज हुई थी.
जिसमें कई लोगों को आरोपित बनाया गया था लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक ही आरोपित संतोष गोस्वामी के खिलाफ ही वारंट कोर्ट से लिया. उसके बाद भी न तो उसे गिरफ्तार किया गया और न ही कुर्की जब्ती की कार्रवाई की गयी. इससे नाराज होकर कोर्ट ने शो कॉज पूछते हुए 18 सितंबर को कोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देने को कहा है.