औरंगाबाद शहर : भगवान की भक्ति ऐसी कि एक भक्त पिछले पांच सालों से फलाहार रहकर उनकी आराधना में लीन हैं. अब वे चार धामों की पैदल यात्रा पर रवाना होंगे. बुधवार की सुबह स्थानीय ग्रामीण श्रद्धा व निष्ठा के साथ उन्हें विदा करेंगे. यह भक्त देव प्रखंड के बेढ़नी गांव के रहने वाले हैं, जो अवधेश वैद्य उर्फ फलहारी बाबा के नाम से मशहूर हैं. अवधेश वैद्य उर्फ फलहारी बाबा भगवान हनुमान जी के परम भक्त हैं.
पांच साल से फलाहार रह कर भगवान की कर रहे साधना

पांच साल से फलाहार रह कर भगवान की कर रहे साधना
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औरंगाबाद शहर : भगवान की भक्ति ऐसी कि एक भक्त पिछले पांच सालों से फलाहार रहकर उनकी आराधना में लीन हैं. अब वे चार धामों की पैदल यात्रा पर रवाना होंगे. बुधवार की सुबह स्थानीय ग्रामीण श्रद्धा व निष्ठा के साथ उन्हें विदा करेंगे. यह भक्त देव प्रखंड के बेढ़नी गांव के रहने वाले हैं, […]
2014 से उन्होंने अनाज का त्याग कर दिया है. तब से आज तक वह भोजन के रूप में फल, दूध आदि ग्रहण करते हैं. सरपंच महारानी देवी, ग्रामीण दिनेश विश्वकर्मा, गणेश राम, संजय रजक, पिंटू कुमार, सुरेंद्र शर्मा, लालू पासवान, संजय राम, आत्मदेव दास, नीरज कुमार, सुमित यादव समेत अन्य ने बताया कि अवधेश वैद्य उर्फ फलहारी बाबा 2014 से बजरंग बलि की साधना कर रहे हैं.
अनाज के साथ-साथ चप्पल-जूता को भी उन्होंने त्याग दिया है. अब वे स्वेच्छा से चार धामों के लिए पद यात्रा पर निकल रहे हैं. अवधेश वैद्य उर्फ फलहारी बाबा की भगवान हनुमान जी के प्रति भक्ति को देख कर ग्रामीणों के मन में भी एक अलग निष्ठा व भाव होता है.
जनकल्याण के लिए चार धामों की करेंगे पैदल यात्रा
सरपंच व ग्रामीणों ने बताया कि जन कल्याण के लिए अवधेश वैद्य उर्फ फलहारी बाबा चार धामों की पैदल यात्रा करेंगे. केदारनाथ, द्वारिकापुरी, रामेश्वरम व जगन्नाथपुरी की पैदल यात्रा करेंगे. अवधेश वैद्य उर्फ फलहारी बाबा ने बताया कि इसके पूर्व सावन महीने में पैदल ही सुल्तानगंज होते हुए देवघर व बासुकीनाथ गये थे.
वहां दर्शन पूजन के बाद वापस लौटा और फिर जन कल्याण, देशरक्षार्थ व समाज के विकास के लिए चार धामों की पैदल यात्रा करने की इच्छा हुई. यही वजह है कि अब वह चार धामों की पैदल यात्रा पर रवाना होंगे.