औरंगाबाद : औरंगाबाद में बेखौफ अपराधियों ने ओबरा प्रखंड के महुआव गांव निवासी व ट्रक चालक पवन शर्मा की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी और शव को दुर्घटना का रूप देने के लिए एनएच 139 पर फेंक कर फरार हो गये. घटना शनिवार की रात की है. कुछ लोगों की सूचना पर मुफस्सिल थाने की पुलिस ने सीमेंट फैक्टरी और मंजूराही मोड़ के बीच सड़क से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. रविवार की सुबह मुफस्सिल थाना अध्यक्ष कृष्णनंदन कुमार, दरोगा अमित रजक पहुंचे और परिजनों से जरूरी पूछताछ के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की.
थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक के पिता कामता शर्मा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है,जिसमें खुदवां गांव संजय शर्मा को आरोपित बनाया गया है. पवन शर्मा की हत्या कैसे और किस परिस्थिति में की गयी है पुलिस इसकी तहकीकात कर रही है. साथ ही हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी शुरू कर दी है.
घटना से संबंधित मिली जानकारी के अनुसार पवन शर्मा काफी पहले से ट्रक चलाकर अपने दो पुत्रियों के साथ साथ अन्य परिजनों का भरण पोषण कर रहे थे. पता चला कि गाजीपुर के किसी ट्रांसपोर्ट का ट्रक फिलहाल चला रहे थे और बारुण से बालू लोड कर गाजीपुर आते- जाते थे. शनिवार की शाम ट्रक लोड करने बारुण आए हुए थे. इसी बीच शहर के श्रीकृष्ण नगर अहरी स्थित अपने किराए के मकान पर पहुंचे और बच्चों से मिलने के बाद 7:30 बजे के करीब निकल गए .
तीन घंटे के बाद परिजनों को सूचना मिली कि उनका शव सीमेंट फैक्ट्री के समीप से बरामद किया गया है. इधर जानकारी मिली कि ब्रह्मर्षि चौक के समीप शाम के वक्त मारपीट की घटना हुई थी इस क्रम में पवन शर्मा से भी कुछ लोगों की बहस हुई थी. पुलिस संदेह जता रही है कि इसी मारपीट की घटना के बाद शायद अपराधियों ने उनकी हत्या की हो. वैसे यह चर्चाओं की बात है.
जान मारने की दी थी धमकी
महुआंव गांव के संजय सिंह की हत्या के बाद शक की सूई खुदवां गांव के संजय शर्मा पर गयी है. वैसे संजय को आरोपित बनाते हुए मृतक के पिता ने प्राथमिकी भी दर्ज करायी है .
एक साल पहले बीमारी से हुई थी मां की भी मौत
सदर अस्पताल में पिता के शव देख स्नेहा और छोटी के होश उड़ गयी. बड़ी बेटी स्नेहा अचानक बेहोश हो गयी .साथ में रहे परिजनों व गांववालों ने किसी तरह से संभाला और फिर किस्मत का हवाला देकर चुप कराने की कोशिश की. वैसे स्नेहा की उम्र 13-14 साल है.पता चला कि मृतक पवन शर्मा की पत्नी रंजू देवी की मौत 15 नवंबर 2017 को रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी थी. रंजू काफी दिनों से बीमार रह रही थी.
मां की मौत के बाद पिता पवन ही अपने दो बेटियों का सहारा थे. पिता की इच्छा थी कि उनकी बेटियां पढ़ लिख कर एक मुकाम हासिल करें और इसी उद्देश्य से ट्रक चलाकर पढ़ाई लिखाई व भरण -पोषण का खर्च उठा रहे थे. मृतक के साले वह माली थाना क्षेत्र के अंबा धमनी निवासी रंजन पांडेय ने बताया कि इस घटना के बाद पूरा परिवार टूट चुका है.
