करंट की चपेट में आने से औरंगाबाद में 12 साल की बच्ची की मौत, ट्रांसफार्मर के पास खेलते समय हुआ हादसा

दाउदनगर के तरार टोला में ट्रांसफार्मर के खुले तार की चपेट में आने से 12 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत. ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश.

Aurangabad News : औरंगाबाद दाउदनगर थाना क्षेत्र के तरार टोला हरिनगर में बिजली करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई. मृतका की पहचान स्व. संजय भुईंया की पुत्री सुमित्रा कुमारी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि बच्ची घर के आसपास ट्रांसफार्मर के समीप खेल रही थी, इसी दौरान वह ट्रांसफार्मर से निकले बिजली के तार की चपेट में आ गई. करंट लगने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

ट्रांसफार्मर के पास खेल रही थी बच्ची

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुमित्रा कुमारी घर के आसपास अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी. इसी दौरान खेलते-खेलते वह ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गई. बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर से निकला बिजली का तार असुरक्षित स्थिति में था. बच्ची अचानक उस तार की चपेट में आ गई और उसे जोरदार करंट लग गया.

करंट लगने के बाद बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई. आसपास मौजूद लोगों ने जब यह घटना देखी तो वहां अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए. हालांकि, तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी.

सूचना पर पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

घटना की जानकारी दाउदनगर थाना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही थाना के सब इंस्पेक्टर प्रेम रौशन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जानकारी ली.

इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया गया. पुलिस की कार्रवाई के बाद शव को परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

खुले ट्रांसफार्मर को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

बच्ची की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जगह ट्रांसफार्मर लगाया गया है, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं. ट्रांसफार्मर पूरी तरह खुला हुआ है और उससे निकलने वाले बिजली के तार भी असुरक्षित स्थिति में हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के आसपास बच्चों और आम लोगों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में खुले ट्रांसफार्मर और असुरक्षित तारों के कारण हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था.

ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की

स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर को सुरक्षित करने और खुले तारों को व्यवस्थित कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगे अन्य ट्रांसफार्मरों की भी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि कहीं और ऐसी स्थिति नहीं बनी रहे.

ग्रामीणों ने कहा कि एक बच्ची की जान चली गई है, लेकिन भविष्य में किसी दूसरे परिवार को ऐसी घटना का सामना न करना पड़े, इसके लिए बिजली विभाग को तत्काल सुरक्षा उपाय करने चाहिए. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजन बच्ची की मौत से गहरे सदमे में हैं.


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By ओमप्रकाश

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