रमेश चौक से नावाडीह रोड तक सड़क के दोनों किनारे लगायी जायेगी ग्रिल

अतिक्रमण नहीं हटाने वाले लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई एसडीओ ने नगर पुलिस और सीओ को कार्रवाई का दिया आदेश औरंगाबाद कार्यालय : अतिक्रमण और जाम से कराह रहे औरंगाबाद शहर को अब छुटकारा मिलने की उम्मीद जग सी गयी है. मुख्य बाजार पथ पुरानी जीटी रोड से अतिक्रमण हटाने का खाका जिला प्रशासन तैयार […]

अतिक्रमण नहीं हटाने वाले लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई

एसडीओ ने नगर पुलिस और सीओ को कार्रवाई का दिया आदेश
औरंगाबाद कार्यालय : अतिक्रमण और जाम से कराह रहे औरंगाबाद शहर को अब छुटकारा मिलने की उम्मीद जग सी गयी है. मुख्य बाजार पथ पुरानी जीटी रोड से अतिक्रमण हटाने का खाका जिला प्रशासन तैयार कर चुकी है. उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो जायेगी और सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रारंभ हो जायेगा. सदर एसडीओ प्रदीप कुमार ने नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी ,नगर थानाध्यक्ष और अंचल अधिकारी को अपने पत्रांक 1435,दिनांक 1.8.2018 के माध्यम से आदेश पत्र भेजकर स्पष्ट तौर पर कहा है कि अतिक्रमणकारियों के कारण सड़क के दोनों ओर लोहे का ग्रिल लगाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में उक्त स्थल पर स्वयं उपस्थित रहकर अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर ग्रिल लगाने का कार्य सुनिश्चित किया जाए.
एसडीओ ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को अपना समान समेटने के लिए एक सप्ताह का समय काफी है. इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी. जो भी व्यक्ति प्रशासनिक कार्रवाई में हस्तक्षेप करेगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.ज्ञात हो कि अतिक्रमण और जाम मुक्त शहर को लेकर पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी कंवल तनुज ने एक योजना बनाकर मुख्य बाजार पथ के दोनों किनारे पर ग्रिल लगाने का आदेश जारी किया था. कुछ दूरी तक ग्रिल लगाये भी गये ,पर अतिक्रमणकारियों के कारण योजना को मूर्त रूप नहीं मिला.
वर्षों से अतिक्रमण हटाने को लेकर होती रही है खानापूर्ति : औरंगाबाद शहर का मुख्य बाजार पथ हर दिन जाम के आगोश में समाया रहता है. अब स्थिति यह हो गयी है कि मुख्य बाजार पथ से होकर हर दिन गुजरने वाले लोग गलियो का सहारा लेकर अपने गतव्य स्थान की ओर पहुंचते है. दोपहिया चालक से लेकर चारपहिया चालक भी जाम के बजाय सुरक्षित रास्ता तलाशते हुए दिखते है. सबसे अधिक परेशानी उन मरीजो को होती है जिन्हें सदर अस्पताल से गया के लिए रेफर किया जाता है. हर दिन अस्पताल एम्बुलेंस को जाम में फंसे हुए देखा भी जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले एक दशक से अतिक्रमण हटाने के लिए दर्जनों बार सरकारी आदेश निकाले गये,पर वह सिर्फ खानापूर्ति ही साबित हुआ . वैसे अतिक्रमण हटाने में कई बाधाए है,जिसे दूर किये बगैर अतिक्रमण हटाना मुश्किलों का सौदा है. ज्ञात हो कि पूर्व में कई बार अतिक्रमण हटाने पहुंचे शासनिक व प्रशासनिक पदाधिकारियों को फुटपाथियो के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा है. एक बात और यह है कि फुटपाथियो को बसाने की जो योजना तैयार की गयी थी ,उस पर गंभीरता से काम भी नहीं हुआ. अब देखना यह है कि क्या और कौन सी कार्रवाई अतिक्रमण के मामले में होती है .

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >