हड़ताल पर गये सफाईकर्मी, संवेदक पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
सीटी मार कार दरवाजा से कूड़ा उठाने नहीं पहुंचे ठेला वाले सफाईकर्मी
औरंगाबाद कार्यालय : लगातार बारिश से शहर की स्थिति सफाई के मामले में वैसे ही बिगड़ी हुई है. सफाईकर्मी नगर पर्षद के मनमानी रवैया के हड़ताल पर चले गये हैं. सोमवार की सुबह दर्जनों सफाई कर्मियों ने समय पर मानदेय नहीं मिलने के बाद समाहरणालय के समीप सड़क जाम कर नगर पर्षद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. लगभग आधे घंटे तक नगर पर्षद मुर्दाबाद, गरीब सफाईकर्मियों का मानदेय भुगतान करो, शराबी ठेकेदार को हटाओ का नारा गूंजता रहा और आखिर में विरोध जताने के बाद सफाईकर्मी हड़ताल की आवाज बुलंद करते हुए अपने-अपने घर चले गये. इस दौरान सफाईकर्मी रीता देवी, मालती देवी, इंदू देवी, मुसनी देवी, चिंता देवी, रागनी देवी, सुरज कुमार, अजीत कुमार, कृष्णा कुमार, योगेंद्र राम, फिरंगी राम, सत्येंद्र राम आदि सफाईकर्मियों ने कहा कि एक माह बीत जाने के बाद भी नगर पर्षद से सफाईकर्मियों के मानदेय का भुगतान नहीं हुआ.
पैसे के अभाव में घरों में नहीं जले चूल्हे
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महादलित नेता सुनील कुमार राम व संगठन सचिव संजय राउत ने कहा कि रोज कमाने खाने वाले सफाईकर्मियों के घरों में पैसों के अभाव में चूल्हे नहीं जल रहे हैं. महीना लगने के बाद हर दिन सफाई कर्मी मुख्य पार्षद, कार्यपालक पदाधिकारी और सफाई व्यवस्था के ठेकेदार से मानदेय भुगतान के गुहार लगाते रहे पर किसी ने एक नहीं सुनी. ठेकेदार शराब के नशे में सफाईकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करता है जिसकी शिकायत पूर्व में की भी गयी थी. गरीब भूखे रह सकते हैं लेकिन इज्जत दाव पर नहीं लगा सकते.
मनाने पहुंचे ठेकेदार को लौटा दिया वापस
इधर, प्रदर्शन की सूचना पर सफाईकर्मियों को मनाने पहुंचे ठेकेदार को वापस लौटा दिया गया. इस संबंध में नगर पषर्द के मुख्य पार्षद उदय प्रसाद गुप्ता ने कहा कि सफाईकर्मियों से बात चल रही है. जल्द ही उनका मानदेय भुगतान भी कर दिया जायेगा. शराबी ठेकेदार पर उन्होंने लाचारी व्यक्त की पर इतना जरूर कहा कि इस पर कार्रवाई होगी. इधर, डोर-टू-डोर सीटी बजा कर कूड़ा उठाने वाले ठेला सफाईकर्मी भी मुहल्लों में नहीं पहुंचे. पता चला कि ठेला वालों ने हड़ताल का हवाला देते हुए ठेला नगर पर्षद को वापस कर दिया.
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