औरंगाबाद नगर : जिले के स्वास्थ्य विभाग को सुदृढ़ करने के लिए सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र नारायण झा लगातार जिले के अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि जिले की चिकित्सकीय व्यवस्था में सुधार हो सके. इसी क्रम में गुरुवार को सिविल सर्जन ने जम्होर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान अस्पताल में पाया कि दो दिन से उपस्थिति पंजी पर हाजिरी नहीं बनायी गयी है. पहले तो रजिस्टर व पीएचसी की स्थिति देख कर सिविल सर्जन चौंक गये और बाद में जब पूरी स्थिति से अवगत हुए तो सीधे कार्रवाई करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नागेंद्र प्रसाद शर्मा, अस्पताल प्रबंधक दीपक कुमार व क्लर्क के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी.
अस्पताल की उपस्थिति पंजी भी जब्त कर ली. इस दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि जम्होर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अराजकता का माहौल है. कोई भी कर्मचारी या चिकित्सक अपने दायित्व के प्रति चिंतित नहीं है. यही कारण है कि दो दिनों से उपस्थिति पंजी पर हाजिरी नहीं बनायी गयी थी. जब तक अस्पताल के चिकित्सकीय व्यवस्था में सुधार नहीं होता है, तब तक प्रभारी मैनेजर, क्लर्क के वेतन भुगतान पर रोक जारी रहेगी. सीएस ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि सरकारी अस्पतालों में आनेवाले मरीजों को समुचित इलाज के साथ-साथ दवा की सुविधा मिले. सिविल सर्जन ने 15 दिन पूर्व सदर अस्पताल और चार दिन पूर्व मदनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जांच की थी व कई लोगों के वेतन भुगतान पर रोक लगायी थी. सिविल सर्जन द्वारा लगातार कार्रवाई से चिकित्सा पदाधिकारियों व कर्मियों में हड़कंप है.
