औरंगाबाद : अंधेरे में संकीर्ण गलियों से गुजरना लोगों की मजबूरी

शहर की सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में एक है महुआ शहीद औरंगाबाद शहर : नगर पर्षद का वार्ड नंबर 29 के अधिकतर मुहल्ले घनी आबादी व संकीर्ण गलियों के लिए प्रसिद्ध हैं. इस वार्ड का अधिकतर क्षेत्र व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. बाजार होने के कारण इलाके में देर तक लोगों की भीड़ लगी […]

शहर की सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में एक है महुआ शहीद

औरंगाबाद शहर : नगर पर्षद का वार्ड नंबर 29 के अधिकतर मुहल्ले घनी आबादी व संकीर्ण गलियों के लिए प्रसिद्ध हैं. इस वार्ड का अधिकतर क्षेत्र व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है.

बाजार होने के कारण इलाके में देर तक लोगों की भीड़ लगी रहती है. विभिन्न गलियों से रात करीब 10 बजे व उससे अधिक रात तक आवागमन चालू रहता है. इस वार्ड का महुआ शहीद मुहल्ला भी घनी आबादी व संकीर्ण गलियों वाला है. शाम होते ही मुहल्ले की गलियां अंधेरों के आगोश में समां जाती है. लोग किसी तरह अंधेरों में संभलकर चलते हैं.

मुहल्ला निवासी रवि सोनी, चंद्रशेखर चौधरी, मनोज कुमार, शंभु प्रसाद ने बताया कि मुहल्ला काफी पुराना है जिसके कारण आबादी अधिक है और गलियां संकीर्ण हैं. अंधेरों के बीच गुजरना मुहल्लेवासियों की मजबूरी बन गयी है. जो लाइट लगी थी, वह खराब हो चुकी है. खराब लाइटों की मरम्मत नहीं कराया गया जिसके कारण अंधेरा पसरा रहता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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