मदनपुर में नहीं हो रहा ऑनलाइन जमीन का दाखिल खारिज, लटके हैं कई मामले

मदनपुर : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधी-अधूरी तैयारी के कारण जमीन का ऑन व ऑफलाइन म्यूटेशन व्यवस्था प्रभावित हो गयी है. इसका कारण हलका में बिजली कंप्यूटर व डाटा ऑपरेटर की असुविधा बतायी जा रही है. साथ ही हलका कर्मचारियों को कंप्यूटर टंकण समेत अन्य संबंधित जानकारियां भी नहीं है. ऑफ व ऑनलाइन […]

मदनपुर : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधी-अधूरी तैयारी के कारण जमीन का ऑन व ऑफलाइन म्यूटेशन व्यवस्था प्रभावित हो गयी है. इसका कारण हलका में बिजली कंप्यूटर व डाटा ऑपरेटर की असुविधा बतायी जा रही है. साथ ही हलका कर्मचारियों को कंप्यूटर टंकण समेत अन्य संबंधित जानकारियां भी नहीं है. ऑफ व ऑनलाइन म्यूटेशन की सुविधा प्रभावित हो जाने से शुक्रवार को थाना में लगनेवाले जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े आनेवाली शिकायतों में तारीख पर तारीख दी जा रही है. तकनीकी खामी की वजह से दाखिल खारिज की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी से लोग परेशान हैं.

एक अप्रैल 2018 से जिले के सभी अंचलों में ऑफलाइन सुविधा को बंद कर ऑनलाइन म्यूटेशन सुविधा शुरू कर दी गयी. बताया जाता है कि इसी दिन से अंचलों में म्यूटेशन की सुविधा बंद हो गयी, ऑनलाइन तो चालू हुआ नहीं ऑफलाइन सुविधा भी बंद हो गयी. गौरतलब है कि एक दिसंबर 2017 से भूमि सुधार विभाग ने इस प्रक्रिया को शुरुआत की थी, तो दावा किया था कि नयी प्रक्रिया के तहत आवेदन करनेवाले जमीन के खरीदार को हर स्टेज की जानकारी मोबाइल पर मिलेगी, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा सका. हल्का कार्यालय का अभाव अधिकतर इलाकों में हल्का कार्यालय का अभाव है. कर्मचारियों को अपने आवास या जुगाड़ किये गये जगह से काम करना पड़ता है. मजबूरन आम लोगों को हल्का कर्मचारी के एजेंट का सहारा लेना पड़ता है. नाम मात्र के लिए कुछ जगह पर हलका कार्यालय है. वह भी जीर्ण शीर्ण अवस्था में है. संचिका, अभिलेख, रोकड़ पंजी, रजिस्ट्री दो ,जमाबंदी वॉल्यूम आदि रखने की सुविधा कर्मचारियों के पास नहीं है. यही कारण है कि जरूरतमंदों को समय पर सही जानकारी नहीं मिल पाती है.

19 की जगह छह कार्यरत: प्रखंड में कर्मचारियों का पद 19 पद स्वीकृत है. इसके विरोध मात्र छह कर्मचारी कार्यरत हैं. इनके बदौलत ही प्रखंड में राजस्व का कार्य संचालित हो रहा है. इसमें भी अधिकांश सेवानिवृत्ति कर्मचारी हैं जो संविदा पर तैनात है. एक कर्मचारी के पास न्यूनतम तीन से चार राजस्व ग्राम है .कर्मचारी स्थायी प्रभार क्षेत्र में समय नहीं दे पा रहे हैं.
जमीन के निबंधन पर असर
म्यूटेशन कार्य बाधित होने से जमीन रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित हो रहा है. निबंधन कार्यालय पर इसका असर साफ पड़ रहा है. इससे राजस्व की प्रतिदिन भारी क्षति हो रही है न तो राजस्व कार्यालय से राजस्व की प्राप्ति हो रही है और न ही निबंधन कार्यालय से.
ऑनलाइन सुविधा में परेशानी
कंप्यूटर द्वारा जो जानकारी मांगी जा रही है. उसे राजस्व कर्मचारी अंचल निरीक्षक के साथ-साथ अंचलाधिकारी भी अनभिज्ञ बताये जा रहे हैं .कंप्यूटर में जो खाता खेसरा रकबा मौज आदि फीड किया गया है. उसमें से अधिकांश वह रजिस्टर टू से नहीं मिल रहा है. कंप्यूटर द्वारा प्रति खेसरा रकवा की मांग की जाती है जो अचल कार्यालय के रजिस्टर टू में अद्यतन नहीं है. जानकारों की मानें तो इसके सुधार में और भी कई महीने लग सकते हैं.
क्या कहते हैं अंचलाधिकारी
ऑनलाइन म्यूटेशन में आ रही तकनीकी गड़बड़ी कमी परख ली गयी है. सॉफ्टवेयर को जल्द ही दुरुस्त कर दिया जायेगा.
अजीत कुमार, सीओ मदनपुर

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