नौ जून को होना है मुख्य पार्षद का चुनाव
शहर में वार्डों की संख्या है 27
दाउदनगर : नगर पर्षद के नये बोर्ड पर शहरवासियों की निगाहें लगी हुई है.बढ़ी हुई राजनीतिक सरगर्मी के बीच लोगों को इंतजार नौ जून का है, जब नगर पर्षद बनने के बाद हुए पहले नगर निकाय चुनाव में नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद का चुनाव किया जायेगा. बहरहाल इस बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी के बीच लोगों को नवगठित बोर्ड से बहुत सारी अपेक्षाएं भी हैं. शहर में अब 27 वार्ड हो चुके हैं. वार्डों का अपना भौगोलिक परिसीमन भी है, लेकिन किसी अनजान व्यक्ति को या शहरवासियों को भी किसी वार्ड का भौगोलिक स्थिति ज्ञात कर पाने में परेशानी हो सकती है, क्योंकि संबंधित वार्ड का बोर्ड लगा हुआ कहीं भी नहीं दिखता है. यदि कोई व्यक्ति शहर के किसी मुहल्ले या गली के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहे तो उसे आसपास के लोगों से ही जानकारी हासिल करनी पड़ेगी.
इसके पीछे का कारण यह है कि कहीं भी संबंधित मुहल्ले या संबंधित इलाके का बोर्ड तक नहीं लगा हुआ है. हां, अगर मुख्य बाजार की बात करें तो मौलाबाग एवं धनकुट्टा बाजार इलाके में बोर्ड जरूर दिखता है. शहर की सड़कों के नाम का बोर्ड भी लगा हुआ कहीं नहीं दिखता है.
ऐसी स्थिति में लोगों का कहना है कि नगर पर्षद बोर्ड द्वारा ऐसा पहल किया जाये कि शहर के लोगों को या शहर में आनेवालों को किसी वाद या किसी मोहल्ले के बारे में सुविधापूर्वक जानकारी हो सके.
किसी भी नगर निकाय के आय का मुख्य स्रोत टैक्स माना जाता है. स्थिति यह है कि नगर पर्षद के टैक्स दारोगा समेत पूरी तहसील शाखा प्रभार के भरोसे चल रही है, जिससे टैक्स वसूली भी प्रभावित है. आम दिनों में स्थिति देखी जाती है कि कई लोग टैक्स जमा करने जब कार्यालय पहुंचते हैं तो पता चलता है कि संबंधित विभाग के कर्मचारी अपने प्रभार वाले किसी अतिरिक्त काम में गये हुए हैं, जिसके कारण समय पर उनका टैक्स जमा नहीं हो पाता और कई दिन टैक्स जमा करने के लिए दौड़ लगाना पड़ता है. इन सब बातों पर शहर के कुछ छात्राओं व महिलाओं के विचार प्राप्त हुए हैं.
शहर में कर वसूली से होगा विकास
नगर पर्षद द्वारा विगत कई वर्षों से डोर टू डोर जाकर कर वसूली नहीं होती है, जबकि पूर्व में कर वसूली के लिए कार्यालय से कर्मी के द्वारा घर घर घूम कर कर वसूली का काम करते थे. कर वसूली होने से विकास कार्य तेजी से होने की पूरी संभावना होती है .इसके साथ ही साथ आज के समय में कार्यालय में दौड़ लगाते लगाते कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है ,तब जाकर कर वसूली का रसीद कटता है.
मंजू कुमारी
पर्यटन स्थलों के बारे में मिले जानकारी
वार्ड की पहचान के लिए हर वार्ड में रोडवेज बोर्ड लगा होना चाहिए और बोर्ड में वार्ड नंबर और मुहल्ले,गली का नाम अंकित हो, जिससे वार्ड और मुहल्ले की पहचान हो सके. साथ ही यहां के पर्यटन स्थलों के बारे में जगह-जगह बोर्ड लगा कर लोगों को जानकारी देनी चाहिए. इससे शहर के पर्यटनों स्थलों को भी पहचान मिलेगी और यहां आनेवाले लोगों को इसके बारे में अासानी से जानकारी मिल सकेगी.
दिव्या कुमारी
लोगों के काम का तेजी से हो निबटारा
नगर पर्षद कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र कर वसूली , परमिशन समेत कई तरह के कार्यों का निपटारा भी तेजी गति से होनी चाहिए. यह तभी होगा, सभी वार्ड पार्षद मिलकर ठोस निर्णय लेगें कि कोई भी कार्य का निपटारा जल्द से जल्द होना चाहिये, जिससे आम जनता को सहूलियत हो और कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े. जन्म प्रमाण पत्र मृत्यु प्रमाण पत्र को सरल तरीके से निर्गत कराने हेतु कोई ठोस कदम उठाना होगा.
सुनीता कुमारी.
महिलाओं पर हो विशेष फोकस
इस बार नगर पर्षद में महिलाओं की संख्या बल भी काफी है. महिला वार्ड पार्षद का दायित्व बनता है कि हर वार्ड में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाये और साफ सफाई की देखरेख के लिये नगर पर्षद द्वारा सफाई कर्मचारी की नियुक्ति होनी चाहिए. शहर की साफ-सफाई को लेकर भी गंभीर होना पड़ेगा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ ही रोज शहर की सड़काें व गलियों की सफाई होनी चाहिए.
संजू कुमारी
जनता दरबार पर बढ़ाएं भरोसा
नगर पर्षद में मुख्य पार्षद व कार्यपालक पदाधिकारी का महीने या सप्ताह में एक बार जनता दरबार लगना चाहिए, ताकि आमलोगों के कार्य का निबटारा हो सके. कार्यालय में जनता दरबार लगने से आम जनता अपनी परेशानी को जनता दरबार में रख सकेगी, जिसका ऑन द स्पॉट निबटारा भी हो सकता है. वार्ड पार्षदों को भी अपने संबंधित बातों में जनता दरबार का आयोजन करना चाहिए.
