न चारा न पानी, पशुओं को रखने के लिए नहीं है समुचित व्यवस्था

अंबा/बरुण : पशुओं की तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास में जुटा है. मेले से बड़ी संख्या में पशुओं को जब्त किया जा रहा है, पर इन्हें रखने के लिए समुचित व्यवस्था का अभाव दिख रहा है. बारुण मेले से सोमवार की रात 1230 पशुओं को जब्त तो किया गया, पर उन्हें […]

अंबा/बरुण : पशुओं की तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास में जुटा है. मेले से बड़ी संख्या में पशुओं को जब्त किया जा रहा है, पर इन्हें रखने के लिए समुचित व्यवस्था का अभाव दिख रहा है. बारुण मेले से सोमवार की रात 1230 पशुओं को जब्त तो किया गया, पर उन्हें कहां रखा जाये व खाने-पीने की व्यवस्था कहां से की जाये, यह समस्या बनी है. जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गौ ज्ञान फाउंडेशन के द्वारा की गयी. बारुण से पशुओं को रिसियप थाना क्षेत्र के बभंडी लाया गया,

पर वहां पशुओं को रहने के लिए न तो शेड है और न ही उनके खाने-पीने की कोई व्यवस्था. इसकी सूचना जब प्रशासन को मिली, तो वहां पशु उतारने पर रोक लगा दिया गया. प्रखंड के अधिकारियों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी. सूचना पाते ही एसडीओ प्रदीप कुमार व एसडीपीओ अनूप कुमार पहुंचे और मामले की जानकारी प्राप्त की. मौके पर बीडीओ लोकप्रकाश, सीओ अनिल कुमार, रिसियप थानाध्यक्ष रामराज सिंह, जन सेवा परिसद के अध्यक्ष अशोक सिंह समेत फाउंडेशन के सदस्य व ग्रामीण थे़

ट्रक में ही दो पशुओं की हुई मौत
बारुण से बभंडी लाने के क्रम में ट्रक पर ही दो पशुओं की मौत हो गयी. आखिर बगैर चारा व पानी के मवेशी कब तक जीवित रहेंगे. इसे देख कर ग्रामीण भी वहां उतारने पर आपत्ति जता रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों की मौत होगी तो महामारी फैल सकती है़ दूसरी तरफ अधिक संख्या में एक हीं स्थान पर पशुओं को होने से फसल बर्बाद होने की भी आशंका है़
मवेशियों पर किसी ने नहीं पेश की दावेदारी
इधर बारुण में पशु मेले में मंगलवार को हुई औचक छापेमारी में 1230 मवेशी जब्त किये गये थे, जिसमें गाय, बछड़े,भैंस व अन्य पशु शामिल थे. वहीं, अवैध पशु मेले का भी पर्दाफाश हुआ. हालांकि मेले में जब्त मवेशियों पर अब तक किसी ने दावेदारी नहीं पेश की है. शिकायतकर्ता दल में रहे जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य सुदर्शन कौशिक, पूनम कपूर,अनिता मारवा, नीरू गुप्ता, शीलवी, हिमानी शर्मा, श्वेता, सरिता, दीपा मेहता व महेश्वरी बुधवार को सभी जब्त मवेशियों को नजदीकी तबेला औरंगाबाद व अन्य जगहों पर भारी वाहनों से भेजा. नीरू गुप्ता के आवेदन पर अवैध बारुण पशु मेला पर प्राथमिकी दर्ज की गयी, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि मवेशियों को उक्त मेले से बिहार के बाहर बड़े ही क्रूरता से भेजा जाता है. वहीं पूनम कपूर ने बताया कि पशु तस्करी को रोकने के लिए औरंगाबाद जिले में उनके टीम के सदस्य भी अब मौजूद रहेंगे. छापेमारी से लेकर मवेशियों को भेजने तक बीडीओ धनंजय कुमार,सीओ राणा अक्षय प्रताप सिंह व बारुण थानाध्यक्ष नरोत्तम चंद्र पूरे दल बल के साथ मौजूद थे.
प्रतिदिन 120 क्विंटल चारा व 24 हजार लीटर पानी की है जरूरत
एक साथ 1200 पशुओं को रखने व इनके खाने-पीने की व्यवस्था करना सहज नहीं प्रतित होता है. जिस स्थान पर पशुओं को उतारने के लिए लाया गया है, वहां न तो शेड है और न चारा-पानी की व्यवस्था, जबकि 1200 पशुओं के खाने-पीने में कम से कम 120 क्विंटल चारा व 24 हजार लीटर पानी की जरूरत है. इसके अलावा इनकी देख-रेख के लिए दर्जनों मजदूर चाहिए़ पानी पिलाने के अलावा भैस धोने के लिए भी पानी की जरूरत है. अधिकारियों ने जब व्यवस्था के संबंध में फाउंडेशन के सदस्यों से पूछा तो बताया कि जन सेवा परिषद के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने व्यवस्था देने को कहा है़
जब श्री सिंह से अधिकारियों ने जानकारी ली तो उन्होंने भी चारा-पानी की व्यवस्था देने से इन्कार किया. एसडीओ ने कहा कि दोनो संस्था के लोग आपस में यह तय कर ले कि खाने-पीने व रहने की व्यवस्था कैसे होगी. हालांकि प्रशासन के मना करने के बाद भी कुछ पशुओं को गाड़ी से उतारा गया है. पंचदेव धाम चपरा से टैंकर में पानी मंगाकर पशुओं को पिलाया जा रहा है़

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