औरंगाबाद सदर : हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देनेवाले लोगों के लिए बुरी खबर है. हिंसक झड़प से निबटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया गया है. रामनवमी जुलूस के दौरान शहर में भड़की हिंसा, आगजनी व तोड़फोड़ की घटना की दोबारा पुनरावृत्ति न हो इसके लिए पुलिस ने गंभीरता से अपना कमर कस लिया है.
हिंसक झड़प पर काबू पाने व स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. मॉक ड्रिल में जिले के एसपी डॉ सत्यप्रकाश, एएसपी (अभियान) राजेश कुमार सिंह ने क्विक रिस्पांस टीम में शामिल जवानों को असामान्य स्थिति व हिंसा के दौरान उपद्रवियों से निबटने के लिए प्रशिक्षण दिया. एसपी ने बताया कि सड़क जाम, हिंसा व अन्य असामान्य स्थितियों में सर्वप्रथम लाउडस्पीकर से चेतावनी दी जायेगी.चेतावनी के बाद भी अगर उपद्रवी बाज नहीं आयेंगे तो उन पर लाठीचार्ज किया जायेगा. अगर स्थिति उससे भी न संभली तो जवानों द्वारा फायरिंग भी की जायेगी. उन्होंने बताया कि क्विक स्पेशल टीम के जवानों के लिए 20 नयी बाइकें खरीदी गयी हैं, जिस पर सवार होकर जवान चंद मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच कर मोर्चा संभाल लेंगे.
टीम में होगा वीडियोग्राफर भी : उन्होंने बताया कि इस टीम में एक वीडियोग्राफर भी शामिल होगा, उसके द्वारा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जायेगी. उन्होंने बताया कि 15 कैमरे लाये गये है,जिसे अलग-अलग थानों में दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह मॉक ड्रिल का आयोजन परेड ग्राउंड में नहीं बल्कि संवेदनशील थाना क्षेत्रों में सड़क पर किया जायेगा. एसपी सत्यप्रकाश ने बताया कि पूरे जिले में 36 संवेदनशील जगहों को चिह्नित किया गया है. डीएम राहुल रंजन महिवाल ने पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पहुंच कर पूरे मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि किसी भी कीमत पर उपद्रवियों को बख्शा नहीं जायेगा, बल्कि प्रशासन उनके साथ सख्ती से पेश आयेगा.मॉक ड्रिल के दौरान एसडीपीओ अनूप कुमार व डीएसपी मेजर रामनरेश सिंह आदि मौजूद थे.
