दहेज हत्या के मामले में पति को 10 वर्ष सश्रम कारावास

औरंगाबाद नगर : व्यवहार न्यायालय के तदर्थ न्यायाधीश (सप्तम) मिथिलेश कुमार राय की अदालत ने शुक्रवार को दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए मृतका अंजू देवी के पति धनंजय उर्फ छोटू ठाकुर को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 10 हजार रुपये की अर्थदंड भी लगाया गया है. जुर्माना […]

औरंगाबाद नगर : व्यवहार न्यायालय के तदर्थ न्यायाधीश (सप्तम) मिथिलेश कुमार राय की अदालत ने शुक्रवार को दहेज हत्या मामले की सुनवाई करते हुए मृतका अंजू देवी के पति धनंजय उर्फ छोटू ठाकुर को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 10 हजार रुपये की अर्थदंड भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. न्यायालय ने यह फैसला टंडवा थाना कांड संख्या 49/15 की धारा 304बी, 201 के तहत सुनाया है. मामला यह है कि 25 नंबर 2015 को टंडवा थाना क्षेत्र के सिमरी गांव में विवाहिता अंजू देवी की हत्या ससुराल वालों ने दहेज के लिए कर दी थी.

वहीं साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को जला दिया था. दहेज हत्या की प्राथमिकी मृतका के पिता कासमा थाना क्षेत्र के छेछू बिगहा गांव निवासी ललन ठाकुर के बयान पर टंडवा थाना में दर्ज किया गया था, जिसमें छह लोगों को आरोपित बनाया था. पांच अन्य लोगों की सुनवाई दूसरे न्यायालय में चल रही है. जबकि पति को दस वर्ष की सश्रम करावास की सजा सुनायी गयी.

इधर, फैसला के दौरान मृतका की मां वीणा देवी न्यायालय में पहुंची और कहा कि इस कांड में समझौता करने के लिए कई बार दवाब बनाया गया लेकिन मेरे पति टाटा में रहकर सैलून चलाते हुए न्याय की लड़ाई लड़ी. इस तरह अन्य आरोपितों को सजा सुनाई जायेगी तो मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी. इस कांड में अभियोजन पक्ष से ओमप्रकाश शर्मा, बचाव पक्ष से संजय सिंह ने बहस की. यह जानकारी अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने दी.

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