औरंगाबाद कार्यालय : आरक्षण के मुद्दे पर सवर्णों का भारत बंद का असर औरंगाबाद में पूरी तरह दिखाई दी. शहर की सड़कों से लेकर हाइवे पर सन्नाटा पसरा रहा. औरंगाबाद बाजार भी सन्नाटे के आगोश में रहा. हालांकि दुकाने खुली रहीं, पर ग्राहक नहीं पहुंचे. रामाबांध बस स्टैंड पर वीरानी छायी रही और यात्री वाहनों के इंतजार में भटकते रहे. गया, रांची, हजारीबाग, डालटेनगंज, पटना, बनारस जाने वाली वाहन बस स्टैंड पर ही खड़ी रही. हालांकि कम दूरी तय करने वाले इक्के-दुक्के वाहनों का परिचालन हुआ पर उन बसों में भीड़ नहीं हुई. इधर भारत बंद को लेकर पुलिस अलर्ट रही. हालांकि बंद के समर्थन में किसी भी संगठन के कार्यकर्ता सड़क पर नहीं उतरे.
आरक्षण के मुद्दे पर सवर्णों का भारत बंद का असर औरंगाबाद में पूरी तरह दिखाई दी
औरंगाबाद कार्यालय : आरक्षण के मुद्दे पर सवर्णों का भारत बंद का असर औरंगाबाद में पूरी तरह दिखाई दी. शहर की सड़कों से लेकर हाइवे पर सन्नाटा पसरा रहा. औरंगाबाद बाजार भी सन्नाटे के आगोश में रहा. हालांकि दुकाने खुली रहीं, पर ग्राहक नहीं पहुंचे. रामाबांध बस स्टैंड पर वीरानी छायी रही और यात्री वाहनों […]

17 दिनों में करोड़ों का नुकसान उठा चुका है औरंगाबाद बाजार : पिछले 17 दिनों में औरंगाबाद बाजार अब तक करोड़ों का नुकसान उठा चुका है. रामनवमी जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के बाद यानी 25 मार्च से लेकर 31 मार्च तक शहर की तमाम व्यावसायिक प्रतिष्ठानें बंद रही. जब एक अप्रैल को बाजार में रौनक लौटी तो अगले दिन यानी दो अप्रैल को आरक्षण के मुद्दे पर एससी-एसटी के समर्थन में भारत बंद से पुनः बाजार पर प्रभाव पड़ा. पता चला कि आठ दिनों के बंदी में औरंगाबाद शहर के व्यवसायियों को लगभग 50 करोड़ का नुकसान हुआ है.
क्या कहते हैं व्यवसायी : औरंगाबाद शहर के आभूषण व्यवसायी हरिप्रसाद, पंकज कुमार, गल्ला व्यवसायी मुन्ना गुप्ता, कपड़ा व्यवसायी अशोक गुप्ता, होटल व्यवसायी संजीव सिंह, बस मालिक धनंजय सिंह ने कहा कि कभी स्थानीय स्तर पर व्यवसाय प्रभावित हो रहा है तो कभी राष्ट्रीय स्तर पर. इससे लगातार घाटा हो रहा है़