औरंगाबाद शहर : रामनवमी जुलूस पर हुए पथराव के बाद उत्पन्न हिंसा, उपद्रव व अागजनी के बाद पहली बार विधायक आनंद शंकर सिंह मीडिया से मुखातिब हुए और अपने ऊपर लगाये जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया. वैसे विधायक जेल गये निर्दोषों को रिहा करने व पीड़ितों को मुआवजा देने को लेकर विधानसभा में प्रश्न उठाया है. मंगलवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर विधायक ने शोभा यात्रा के दौरान उत्पन्न तनाव का मुख्य सूत्रधार पूर्व मंत्री रामाधार सिंह को बताया.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 का चुनाव हारने के बाद अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने के लिए पूर्व मंत्री द्वारा ऐसा घिनौना षड्यंत्र किया गया है. वे समाज के आपसी भाईचारा और सौहार्द मिटा कर राजनीति लाभ लेना चाहते हैं लेकिन वह ऐसा होने नहीं देंगे. जो निर्दोष हैं वे बाहर आयेंगे और जो दोषी हैं उन्हें किसी भी कीमत पर जेल जाना होगा. पीड़ितों को मुआवजा भी मिलेगा. इसके लिए वह तीन अप्रैल को ही विधानसभा में आवाज उठाये हैं. विधायक श्री सिंह ने कहा कि 2016 के रामनवमी जुलूस यात्रा के दौरान भी इनके ही एक चहेते द्वारा मस्जिद के सामने टेबल-कुर्सियां फेंक कर तनाव बढ़ाने का प्रयास किया गया था.
पहले शोभा यात्रा में किसी तरह का कोई विवाद नहीं होता था लेकिन जब से जनता ने इनको नकार दिया तब से समाज में विद्वेष पैदा करने की जुगत में लगे हुए हैं. विधायक ने कहा कि शांति समिति की बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों व डीएम, एसपी, एसडीओ, एसडीपीओ की उपस्थिति में पूर्व मंत्री ने जो सुझाव दिया था कि मैं पश्चिम की तरफ से आने वाली जुलूस का नेतृत्व करूं, इसमें भी मुझे फंसाने की साजिश थी लेकिन जनता ने ऐसा नहीं होने दिया और वे पूरे शांति के साथ जुलूस लेकर पहुंचे थे. पूर्व मंत्री पहले तो शहर को तनाव में झोका. अब जब इन्हें फंसने की बारी आई तो रोते-बिलखते गली-गली बेकसूरी की दुहाई देते घूम रहें हैं. इस घटना की जांच पूरी सूक्ष्मता के साथ होनी चाहिए. विधायक ने कहा कि मेरे खिलाफ भी अफवाह उड़ायी गयी. विधायक ने कहा कि कुछ लोग चाहे वह किसी भी संप्रदाय से हैं और पूर्व मंत्री के साथ तालुक्कात रखते हैं वे मेरे व्यक्तिव को ठेस पहुंचा रहे हैं. औरंगाबाद की जो शांति बिगाड़ने का काम किया है उसे जनता माफ नहीं करेगी. प्रेस वार्ता में प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह समेत कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे.
