Assam plane crash: (दीपक गुप्ता की रिपोर्ट) असम के जोरहाट में शनिवार दोपहर भारतीय वायुसेना के एक ट्रांसपोर्ट विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना में भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड निवासी अग्निवीर दानिश आलम के शहीद होने की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. हादसे में दो अधिकारियों और दो अग्निवीर समेत कुल पांच वायुसेना कर्मियों के शहीद होने की सूचना है.
जोरहाट एयरफील्ड पर उतरने के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान जोरहाट वायुसेना एयरफील्ड पर उतरने का प्रयास कर रहा था. इसी दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई. घटना के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो चुकी थी.
कोईलवर का बेटा था दानिश
शहीद दानिश आलम भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायमनगर गांव के निवासी थे. वह भारतीय वायुसेना में अग्निवीर के रूप में कार्यरत थे और जून 2025 में सेवा में शामिल हुए थे. दानिश के पिता मोहम्मद फार्रुक आलम गीधा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक वर्कशॉप में काम करते हैं, जबकि माता अख्तरी बेगम गृहिणी हैं. परिवार में दो बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन और गजला परवीन हैं. दानिश अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे.
घर का इकलौता चिराग बुझा
दानिश के शहीद होने की खबर जैसे ही कायमनगर पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया. परिजन और ग्रामीण उनके घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाने लगे. बेटे की शहादत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. ग्रामीणों के अनुसार दानिश बचपन से ही मेधावी और देशसेवा के प्रति समर्पित था. उसका सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना था, जिसे उसने अपनी मेहनत और लगन से पूरा किया.
बिहटा से प्रशिक्षण, फिर असम में पोस्टिंग
अग्निवीर के रूप में चयन होने के बाद दानिश को बिहटा एयरफोर्स स्टेशन से प्रशिक्षण के लिए कर्नाटक के बेलगांव भेजा गया था. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी तैनाती असम के जोरहाट में की गई थी, जहां वह अक्टूबर 2025 से कार्यरत थे.
दो सप्ताह पहले ही आए थे घर
परिजनों ने बताया कि दानिश 23 मई को छुट्टी लेकर घर आए थे और एक सप्ताह परिवार के साथ बिताने के बाद 30 मई को वापस ड्यूटी पर लौट गए थे. किसी ने नहीं सोचा था कि छुट्टी के बाद गया बेटा अगली बार तिरंगे में लिपटकर घर लौटेगा.
