अरवल में पारा मेडिकल छात्रों का प्रदर्शन, 10 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिलने का आरोप; एक कमरे में रहने को मजबूर

अरवल में पारा मेडिकल छात्रों ने 10 महीने से स्टाइपेंड न मिलने और हॉस्टल की गंभीर समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने पीने के पानी, सफाई और अनियमित कक्षाओं की शिकायत जिला पदाधिकारी से की.

Paramedical Students Protest : अरवल में पारा मेडिकल के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को छात्रावास और स्कूल में हो रही समस्याओं को लेकर जिला कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद छात्रों ने जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं. छात्रों का कहना है कि उन्हें पिछले 10 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिला है. वहीं, छात्रावास में पिछले एक सप्ताह से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है.

हॉस्टल में पानी नहीं, चापाकल के पास गंदगी

छात्रों ने बताया कि छात्रावास में पीने के पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है. हॉस्टल में आरओ लगा हुआ नहीं है और टंकी में भी पानी नहीं रहता है. चापाकल के पास गंदगी रहने की भी शिकायत छात्रों ने की. छात्राओं ने छात्रावास की साफ-सफाई नियमित रूप से नहीं होने की बात कही.

छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में उन्हें खाना भी नहीं मिलता है. इसके कारण वे अस्पताल में जीविका कैंटीन से खाना खाती हैं. छात्रावास के बाथरूम की सफाई नहीं होने की भी शिकायत की गई है.

एक कमरे में चार-चार छात्राएं रहने का आरोप

छात्राओं ने बताया कि छात्रावास में एक कमरे में चार-चार लड़कियां रहती हैं. इससे पढ़ाई करने में परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि कमरे में ज्यादा छात्राओं के रहने से सोने में भी दिक्कत होती है.

छात्राओं अमरा, नेहा कुमारी, सेजल कुमारी, श्वेता कुमारी, रागिनी कुमारी, कल्पना कुमारी, ज्योति कुमारी और गायत्री कुमारी ने छात्रावास की इन समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी.

नियमित क्लास नहीं चलने की भी शिकायत

पारा मेडिकल के छात्रों ने पढ़ाई को लेकर भी कई समस्याएं बताईं. छात्रों का कहना है कि प्राचार्य नियमित रूप से नहीं आते हैं. संस्थान में लैब है, लेकिन सिखाने के लिए कोई नहीं है. छात्रों के अनुसार पारा मेडिकल में कम से कम तीन क्लास चलनी चाहिए, लेकिन फिलहाल एक ही क्लास चलती है.

छात्रों ने नियमित और स्थायी रूप से क्लास चलाने की मांग की है. उनका कहना है कि क्लास नियमित ढंग से नहीं चलने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

'घर दूर है, इसलिए दूसरी जगह भी नहीं जा सकते'

प्रदर्शन कर रहे छात्र रविंद्र कुमार, अंकित कुमार, गौरव कुमार और मुकेश कुमार ने कहा कि वे अरवल के रहने वाले नहीं हैं. उनका घर काफी दूर है, इसलिए वे दूसरी जगह जाकर रहने की स्थिति में भी नहीं हैं. ऐसे में उन्हें छात्रावास में ही इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. छात्रों ने 10 महीने से स्टाइपेंड नहीं मिलने और छात्रावास में पानी समेत अन्य समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है.

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By निशिकांत सिंह

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