बालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार जहानाबाद के तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय अरवल के परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. जिसमें कुल 220 मुकदमों का निष्पादन आपसी समझौते के आधार पर किया गया.
राष्ट्रीय लोक अदालत में 105 आपराधिक सुलहनीय वादों का निष्पादन आपसी सुलह के आधार पर किया गया. वही बैंक ऋण से संबंधित 29 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें कुल 14 लाख 68 हजार तीन सौ 17 रूपये का सेटलमेंट हुआ. बीएसएनएल के एक मुकदमे मे 2156 रू एवं डीटीओ एवं ट्रैफिक से संबंधित 85 मामले में तीन लाख 61 हजार 200 रुपए की रिकवरी की गई.
लोक अदालत में मुकदमे के त्वरित निष्पादन के लिए चार पीठ का गठन किया गया था. प्रथम पीठ में एडीजे द्वितीय प्रीतम कुमार रतन, पीठासीन न्यायिक पदाधिकारी एवं रामजन्म सिंह पैनल अधिवक्ता, द्वितीय पीठ में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी मनीष कुमार पांडेय, पीठासीन न्यायिक पदाधिकारी एवं नंदकिशोर शर्मा पैनल अधिवक्ता, त्रितीय पीठ में अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी ज्योति कुमारी, पीठासीन न्यायिक पदाधिकारी एवं विनोद कुमार पैनल अधिवक्ता एवं चतुर्थ पीठ में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी राज परासर पीठासीन न्यायिक पदाधिकारी एवं शशिकांत शर्मा पैनल अधिवक्ता के रूप में मुकदमों का निष्पादन किये.
इस अवसर पर न्यायालय नाजिर अभिमन्यू शर्मा, गणेश चौधरी, गौतम कुमार, धीरज कुमार एवं अन्य कर्मी एवं पीएल भी मुकदमो को त्वरित निष्पादन मे सहयोग किए.
