शादी के बाद भी नहीं छोड़ी पढ़ाई, कलेर की बहू मावरा ज़फर 70वीं BPSC में 74वीं रैंक हासिल कर बनीं SDM

BPSC Success Story : अरवल के कलेर प्रखंड के हृदयचक गांव की बहू मावरा ज़फर ने 70वीं BPSC परीक्षा में 74वीं रैंक हासिल कर एसडीएम पद प्राप्त किया. शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने यह सफलता हासिल की, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.

कलेर (अरवल) से अंजनी की रिपोर्ट
BPSC Success Story : कलेर प्रखंड के हृदयचक गांव की बहू मावरा ज़फर ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 74वीं रैंक हासिल कर SDM पद के लिए चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. अल्पसंख्यक समुदाय में उन्हें पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है. उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है.

कड़ी मेहनत और लगन से पाई सफलता

“करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान” की कहावत को चरितार्थ करते हुए मावरा ज़फर ने कठिन परिश्रम के दम पर यह उपलब्धि हासिल की. परिजनों के अनुसार वह शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर, मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही हैं.

शादी के बाद भी जारी रखी तैयारी

मावरा ज़फर, एहसान खान की बहू और फैसल खान की पत्नी हैं. उन्होंने बोर्ड की परीक्षा क्रेन स्कूल, गया से उत्तीर्ण की. इसके बाद पटना वीमेंस कॉलेज से स्नातक तथा जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त की. शादी के बाद भी उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी और बीपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की.

पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल

मावरा ज़फर की सफलता की खबर मिलते ही कलेर प्रखंड में खुशी की लहर दौड़ गई. परिवार और शुभचिंतकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी. लोगों ने इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया.

जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई

प्रखंड प्रमुख मोहम्मद सिराज, अयूब नजफी, तनवीर खान, अरशद खान, फहद खान, अनवर खान, आजम खान और शाहिद सहित कई पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मावरा ज़फर को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा कि उनकी सफलता क्षेत्र की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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