जमीन के अभाव में जिले के 15 प्लस टू विद्यालयों का भवन निर्माण अधूरा

Arwal News: सरकार एक ओर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2020 में उत्क्रमित कर प्लस टू विद्यालय बनाए गए जिले के 15 विद्यालयों का भवन निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है.

Arwal News: सरकार एक ओर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2020 में उत्क्रमित कर प्लस टू विद्यालय बनाए गए जिले के 15 विद्यालयों का भवन निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है. इसका मुख्य कारण भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होना है. अंचल अधिकारियों द्वारा भूमि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है.

एक-दो कमरों में संचालित हो रहे विद्यालय

जमीन के अभाव में उत्क्रमित प्लस टू विद्यालय फिलहाल एक या दो कमरों में ही संचालित हो रहे हैं। पर्याप्त भवन नहीं होने से विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही, वहां पदस्थापित शिक्षकों को भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मूलभूत सुविधाओं का अभाव

उत्क्रमित और नवसृजित विद्यालयों में न तो अपना भवन है और न ही आवश्यक उपस्कर उपलब्ध हैं. इसके कारण पठन-पाठन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही है. शिक्षा विभाग द्वारा सभी अंचल अधिकारियों से विद्यालय निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक किसी स्तर पर गंभीर पहल नहीं की गई है.

भुसड़ा विद्यालय की स्थिति चिंताजनक

उदाहरण के तौर पर प्राथमिक विद्यालय भुसड़ा की स्थिति अत्यंत खराब है. यहां केवल दो कमरे उपलब्ध हैं. एक कमरे में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय की कक्षाएं संचालित होती हैं, जबकि दूसरे कमरे में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई कराई जाती है.एक ही कमरे में कक्षा संचालन के साथ-साथ कार्यालय और शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था भी करनी पड़ रही है.

सदर प्रखंड के विद्यालयों में भी समस्या

इसी प्रकार सदर प्रखंड के दस मध्य विद्यालयों को उत्क्रमित कर प्लस टू विद्यालय तो बना दिया गया, लेकिन अब तक इनके लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है. इसके कारण भवन निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है.

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Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी बिहार के आरा, वीर कुंवर सिंह की धरती से आती हैं। उन्होंने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की। 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है। अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं, ताकि सशक्त और प्रभावी पत्रकारिता के माध्यम से समाज तक सच्चाई पहुंचा सकें।

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