Arwal News: (निशिकांत) अरवल जिले में स्वच्छता को लेकर सरकार की ओर से कई योजनाएं चलायी जा रही हैं. गांवों में भी हर घर से कचरे का उठाव किया जा रहा है. लेकिन, सफाई कर्मचारी कचरे को गांव के ठीक बाहर खुले में डंप कर रहे है. हालांकि, इसके लिए हर पंचायत में अपशिष्ट इकाई बनायी गयी है. लेकिन पंचायत आपशिष्ट इकाई तक गांव का कचरा नहीं पहुंच रहा है. बाहर में कचरा फेंके जाने से दुर्गंध फैल रही है.
सड़क किनारे, फेका जा रहा है कचरा
कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं रहने से स्थानों के साथ ही मैदानों, सड़क किनारे, आम रास्ते के पास कचरों को गिराया जा रहा है. ऐसे में आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हो रही है. जिला की कई पंचायतों में कचरों के निस्तारण को लेकर न आपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई बनी हुई है. इसके बाद भी खुले स्थानों पर कचरा फेंका जा रहा है. इसके कारण गांव में संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है. खासकर सड़क किनारे या आम रास्ते के किनारे कचरा डंप किये जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोगों का कहना है कि कचरों से निकलने वाली दुर्गंध के बीच लोगों को आना-जाना पड़ता है. इस दिशा में अधिकारी और जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं. मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ गया है.
टूट गया कचरे का डब्बा
कई जगह कचरा उठाव के लिए हरा-पीला डब्बा दिया गया था, जो टूट गया है. कचरा उठानेवाले ने बताया कि उसने कई बार सुपरवाइजर को इसकी जानकारी दी, लेकिन वह अब तक नया डिब्ब नहीं मिला. कचरा उठाकर लाते हैं तो लोग गुस्सा भी करते हैं.
कई वार्डों में नहीं हो रहा कचरे का उठाव
फखरपुर पंचायत के वार्ड संख्या 6 और 7 में कचरा का उठाव नहीं हो रहा है. वही गांव का कचरा बाहर में फेंका जा रहा है.अइयारा पंचायत में कचरा का तो उठाव हो रहा है, लेकिन अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई तक कचरा नहीं पहुंच रहा है और गांव के बाहर में कचरा सड़क किनारे फेंक दिया जा रहा है.
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