अरवल में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित हुई जिला स्तरीय कार्यशाला

Arwal News: अरवल के लोदीपुर कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई. विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त खेती के लाभ बताए. कृषि यंत्रों पर 90 प्रतिशत तक अनुदान और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग की जानकारी दी गई. कार्यक्रम के अंत में कृषि प्रदर्शनी और वृक्षारोपण भी किया गया.

Arwal News: (अंजनी कुमार की रिपोर्ट) कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के सौजन्य से शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र, लोदीपुर में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती जिला कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, पौधारोपण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र की वरीय वैज्ञानिक अनिता कुमारी ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता और महत्व पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि यदि किसान अपनी भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखना चाहते हैं, पर्यावरण संरक्षण करना चाहते हैं और कम लागत में अधिक लाभ अर्जित करना चाहते हैं तो उन्हें प्राकृतिक खेती अपनानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से उत्पादित अनाज मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. यही कारण है कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है.

किसानों को दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी

कार्यशाला में मौजूद किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई. कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद केंद्र किसानों के उत्थान और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.

90 प्रतिशत तक अनुदान मिल रहा कृषि यंत्रों पर

जिला कृषि पदाधिकारी रंजीत कुमार झा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में कई लाभकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं. उन्होंने बताया कि विभिन्न कृषि यंत्रों पर किसानों को लगभग 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. उन्होंने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर खेती में उपयोग करने की सलाह दी और कहा कि इसके लिए भी सरकारी सहायता उपलब्ध है. उन्होंने रसायनमुक्त खेती को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया.

किसानों की समृद्धि से ही देश का विकास

मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष एवं जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की समृद्धि से ही देश का समग्र विकास संभव है. उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की.

कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया संबोधित

कार्यक्रम को जदयू जिला अध्यक्ष अनंत कुमार वर्मा, लोजपा (रा.) जिला अध्यक्ष सत्येंद्र रंजन, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गिरेंद्र कुमार, मंत्री अमृतराज उपाध्याय, उप परियोजना निदेशक अजीत कुमार पासवान, जिला उद्यान पदाधिकारी राहुल रंजन, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी संजू लता, विधायक प्रतिनिधि रामजन्म सिंह, सहायक निदेशक शस्य रोहित रौशन, वैज्ञानिक कविता डालमिया, प्रखंड कृषि पदाधिकारी नेहा कश्यप, निकिता राज तथा वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार सिंह समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया.

कृषि प्रदर्शनी और वृक्षारोपण का भी आयोजन

कार्यशाला के समापन के बाद अतिथियों और किसानों ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया. कार्यक्रम का संचालन शिवकुमार गोस्वामी ने किया. इसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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