Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट) राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत अरवल जिले में प्रस्तावित आईडीए इम्पैक्ट सर्वे के सफल और पारदर्शी संचालन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. राज किशोर प्रसाद की अध्यक्षता में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में किया गया. इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के चयनित तीन प्रखंडों कुर्था, बंशी एवं कलेर में आयोजित होने वाले सर्वे को लेकर सभी संबंधित चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को तकनीकी व व्यवहारिक जानकारी देना था. इस कार्यशाला में तीनों प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रयोगशाला तकनीशियन, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक तथा सर्वेक्षण कार्य से जुड़ी टीमों ने हिस्सा लिया.
डब्ल्यूएचओ के राज्य समन्वयक ने दी ट्रेनिंग, सिविल सर्जन की जांच रिपोर्ट आई निगेटिव
प्रशिक्षण सत्र का मुख्य संचालन विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य समन्वयक डॉ. राजेश पांडेय द्वारा किया गया. उन्होंने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और किट के माध्यम से आईडीए इम्पैक्ट सर्वे के मुख्य उद्देश्यों, सर्वेक्षण की सटीक पद्धति, क्यूएफएटी किट के सही उपयोग, ब्लड सैंपल संग्रहण, डेटा प्रबंधन और रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संबंध में बेहद विस्तृत और तकनीकी जानकारी प्रदान की.
ट्रेनिंग सेशन के बाद कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया. इस दौरान डब्ल्यूएचओ के राज्य समन्वयक डॉ. राजेश पांडेय द्वारा स्वयं सिविल सर्जन डॉ. राज किशोर प्रसाद की फाइलेरिया जांच क्यूएफएटी किट के माध्यम से की गई, जिसकी लाइव रिपोर्ट पूरी तरह निगेटिव पाई गई.
11 जून से शुरू होगा महासर्वे, सामूहिक दवा सेवन के असर को जांचेगी टीम
इस मौके पर संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. राज किशोर प्रसाद ने कहा:’फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में ‘आईडीए इम्पैक्ट सर्वे’ एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक गतिविधि है. इस वैज्ञानिक सर्वे के माध्यम से जिले में पूर्व में चलाए गए सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के जमीनी प्रभाव और सफलता का सटीक आकलन किया जाएगा. इसी रिपोर्ट के आधार पर फाइलेरिया के खिलाफ भविष्य की रणनीति निर्धारित करने में स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेगी.’
बैठक में सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि जिले के चयनित तीनों प्रखंडों (कुर्था, बंशी और कलेर) के कुल 30 चिह्नित गांवों में आगामी 11 जून से इस मेगा आईडीए इम्पैक्ट सर्वे की शुरुआत कर दी जाएगी. इस दौरान स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर चयनित व्यक्तियों के रक्त की जांच करेंगी और फाइलेरिया संक्रमण की वर्तमान स्थिति का डेटा तैयार करेंगी.
इस उच्चस्तरीय बैठक व प्रशिक्षण में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. नंद बिहारी शर्मा, डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. अरुण कुमार, डीवीडीसी मनोज कुमार, वीडीसीओ राजीव चौधरी तथा पिरामल फाउंडेशन के विनोद कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
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