अरवल के मधुश्रवा मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं की भीड़, सोमवार को टूटा अब तक का रिकॉर्ड

Arwal News: अरवल जिले के कलेर प्रखंड अंतर्गत ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल मधुश्रवा में आयोजित मलमास मेले में सोमवार को श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ पड़ा. सोमवार को इस सीजन की सबसे बड़ी भीड़ रिकॉर्ड की गई. सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

Arwal News: (अंजनी कुमार की रिपोर्ट) अरवल जिले के कलेर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के लिए विख्यात मधुश्रवा में आयोजित मलमास मेले में सोमवार को आस्था का महाकुंभ नजर आया. मेले में सोमवार को श्रद्धालुओं का ऐसा अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा कि इस वर्ष मेले की शुरुआत से लेकर अब तक के भीड़ के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए. रविवार को ही प्रशासनिक स्तर पर मेले में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन सोमवार की सुबह होते-होते यह संख्या दोगुनी के करीब पहुंचती दिखी, जिससे पूरा मेला क्षेत्र इंसानी समंदर में तब्दील हो गया.

सोमवार की अलसुबह से ही आसपास के जिलों और उत्तर बिहार से श्रद्धालुओं के आने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर रात तक लगातार जारी रहा. भीड़ का आलम यह था कि मुख्य मधुश्रवा मेला परिसर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मेले की ओर आने वाली सभी प्रमुख संपर्क सड़कें लोगों और वाहनों से पूरी तरह पट गईं. कई स्थानों पर तो स्थिति ऐसी थी कि लोगों को पैदल चलने और आगे बढ़ने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था.

एक किलोमीटर दूर खड़ी करनी पड़ी गाड़ियां

मेला क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कई जगहों पर रूट डायवर्जन किया था. इसके बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ियां मुख्य मधुश्रवा धाम से करीब एक किलोमीटर दूर ही सुरक्षित स्थानों और खेतों के किनारे खड़ी करनी पड़ी. इसके बाद बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पैदल ही मुख्य मेला परिसर तक पहुंचे.

दिनभर कलेर-मधुश्रवा मुख्य मार्ग पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं. मेले की ओर जाने वाले हर छोटे-बड़े रास्तों पर लगातार रेंगते वाहनों के कारण महाजाम जैसी स्थिति बनी रही. धूप और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली. मेला परिसर में स्थापित मुख्य मंदिर, तालाब घाट, हाल ही में शुरू हुआ 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन स्थल, पूजा-अर्चना केंद्रों तथा बच्चों के मनोरंजन के लिए लगे झूलों व मीना बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी.

मेले में महाभीड़ के मुख्य बिंदु:

  • भीड़ का रिकॉर्ड: मलमास मेले के इतिहास में इस सोमवार को दर्ज की गई सबसे बड़ी भीड़.
  • ट्रैफिक व्यवस्था: मुख्य परिसर से 1 किमी पहले ही रोकने पड़े बड़े वाहन, पैदल चले श्रद्धालु.
  • मुख्य आकर्षण: 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन पंडाल और मुख्य पूजा केंद्र पर लगी लंबी लाइनें.

सुरक्षा को लेकर मुस्तैद रही पुलिस, देर शाम तक गूंजते रहे भक्तिमय जयघोष

इस अप्रत्याशित और विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अरवल जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों को पूरे दिन जमीन पर उतरकर लगातार सक्रिय रहना पड़ा. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या भगदड़ की स्थिति को रोकने के लिए मेला परिसर के चप्पे-चप्पे और विभिन्न वॉच टावरों पर अतिरिक्त पुलिस बल व महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. हालांकि, इसके बावजूद संकरी गलियों में कई स्थानों पर लोगों को भीड़ के रेले के कारण आगे बढ़ने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी.

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और मेला कमिटी के सदस्यों के अनुसार, पिछले कई वर्षों की तुलना में इस वर्ष मलमास मेले को लेकर सनातन धर्मावलंबियों और शिवभक्तों में एक विशेष और अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है. सोमवार को उमड़ी इस ऐतिहासिक भीड़ ने प्रशासन के दावों से कहीं आगे बढ़कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. देर शाम और रात होने के बाद भी श्रद्धालुओं का आना-जाना बदस्तूर जारी रहा और पूरा इलाका ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय भोलेनाथ’ के भक्तिमय जयघोषों से गूंजता रहा.

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Published by: Nikhil Anurag

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