कलेर. प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. उमस भरी गर्मी और लगातार बदलते मौसम के बीच बिजली की आंख-मिचौली से उपभोक्ता त्रस्त हैं. ग्रामीणों का कहना है कि 24 घंटे में मुश्किल से 8 से 10 घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो पा रही है. उसमें भी बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है.
बिजली कटने की नहीं मिल रही जानकारी
उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि बिजली कब आएगी और कब कट जाएगी, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है. अचानक बिजली कटने के बाद घंटों आपूर्ति बाधित रहती है. बिजली विभाग से जुड़े कर्मियों और अधिकारियों की ओर से भी उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
पहलेजा और लोदीपुर सब स्टेशन से होती है आपूर्ति
बताया जाता है कि कलेर प्रखंड क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति मुख्य रूप से पहलेजा एवं लोदीपुर विद्युत सब स्टेशन से की जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दोनों सब स्टेशनों से जुड़े क्षेत्रों में इन दिनों बिजली व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है. दिन हो या रात, बार-बार बिजली कटने का सिलसिला जारी रहता है. कई बार कुछ मिनट के अंतराल पर ही बिजली का आना-जाना लगा रहता है, जिससे घरेलू उपकरणों के खराब होने की आशंका भी बनी रहती है.
बच्चों की पढ़ाई से लेकर कारोबार तक प्रभावित
बिजली की अनियमित आपूर्ति का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. शाम और रात के समय बिजली गुल रहने से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी होती है. वहीं, छोटे दुकानदारों, साइबर कैफे, फोटो कॉपी, वेल्डिंग, आटा चक्की समेत बिजली पर निर्भर कारोबार करने वाले लोगों का काम भी प्रभावित हो रहा है.
गर्मी और उमस से परेशान हैं लोग
घरों में पंखा, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद रहने के कारण लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं. खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और ग्रामीण परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत की जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है. सबसे गंभीर स्थिति यह है कि बिजली कटौती के कारणों और आपूर्ति बहाल होने के संभावित समय की जानकारी उपभोक्ताओं को समय पर नहीं मिलती.
बिजली कटौती की जानकारी देने की मांग
लोगों का कहना है कि यदि किसी तकनीकी खराबी, मेंटेनेंस या अन्य कारण से बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तो विभाग को कम से कम उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देनी चाहिए, ताकि लोग अपनी दिनचर्या उसी के अनुसार व्यवस्थित कर सकें.
पहलेजा और लोदीपुर सब स्टेशन की जांच की मांग
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले में संज्ञान लेते हुए पहलेजा एवं लोदीपुर सब स्टेशन की व्यवस्था की जांच कराने, बिजली आपूर्ति का नियमित शेड्यूल सुनिश्चित करने तथा बार-बार होने वाली कटौती पर रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ सकती है.
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