Arwal News: अरवल जिले के वंशी प्रखंड के कोचहसा गांव में किसानों ने बंद पड़े ट्यूबवेल पंप सेट को फिर से चालू कराने की मांग जिला प्रशासन से की है. किसानों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सिंचाई योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है.
किसानों ने जताई नाराजगी
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्वी बधार पडुहार में खेतों की सिंचाई के लिए सरकार द्वारा ट्यूबवेल पंप सेट लगाया गया था, जिससे सैकड़ों बीघा जमीन की सिंचाई होनी थी. लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय से बंद पड़ी है.
लाखों रुपये खर्च के बावजूद स्थिति जस की तस
ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया द्वारा सरकारी योजना के तहत ट्यूबवेल को चालू कराने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए. इसमें कमरे का निर्माण, बिजली तार की मरम्मत, पुरानी बोरिंग की सफाई और मोटर लगाने का काम शामिल था, लेकिन इसके बावजूद पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी.
2284 बीघा जमीन की सिंचाई प्रभावित
किसानों ने बताया कि कोचहसा गांव के लगभग 2284 बीघा क्षेत्र की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित है. इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वे अब भी बारिश पर निर्भर हैं.
ट्रांसफॉर्मर नहीं लगने से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बधार क्षेत्र में अब तक एक भी ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया गया है, जिससे सिंचाई कार्य और अधिक बाधित हो रहा है.
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से इस मामले में जल्द कार्रवाई कर बंद पड़े ट्यूबवेल को चालू कराने की मांग की है, ताकि उन्हें सिंचाई की सुविधा मिल सके.
तीन लाइन का सार
- वंशी के कोचहसा गांव में बंद पड़े ट्यूबवेल को चालू कराने की किसानों ने मांग की है.
- लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सिंचाई योजना अब तक शुरू नहीं हो सकी है.
- 2284 बीघा जमीन की सिंचाई प्रभावित होने से किसान परेशान हैं.
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