अरवल में 7 सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

Arwal Anganwadi Protest: अरवल में 7 सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया. डीएम को ज्ञापन सौंपकर मानदेय, पेंशन और सरकारी दर्जे की मांग की.

अरवल से निशिकांत की रिपोर्ट
Arwal Anganwadi Protest:
अरवल में अपनी 7 सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने जिला कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व आंगनबाड़ी सेविका सहायिका एवं कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ममता कुमारी ने किया.

डीएम को सौंपा मांगों से जुड़ा ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने जिला पदाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. संघ ने सरकार से लंबित समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की.

आईसीडीएस के निजीकरण का किया विरोध

ज्ञापन में सेविका-सहायिकाओं ने मांग की कि आईसीडीएस (समेकित बाल विकास योजना) का किसी भी स्थिति में निजीकरण नहीं किया जाए. उन्होंने इसे गरीब बच्चों और महिलाओं के हित से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना बताया.

बकाया मानदेय भुगतान की उठी मांग

प्रदर्शनकारियों ने सेविका और सहायिकाओं के बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान करने की मांग की. उनका कहना था कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

बच्चों के ड्रेस की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने जीविका की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे बच्चों के ड्रेस की गुणवत्ता पर सवाल उठाया. उन्होंने घटिया ड्रेस व्यवस्था को बंद कर पूर्व की व्यवस्था लागू करने की मांग की.

ग्रेच्युटी और पेंशन लागू करने की मांग

संघ ने गुजरात सहित अन्य राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में सेविका-सहायिकाओं को ग्रेच्युटी देने की मांग की. साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग रखी.

सभी केंद्रों पर बिजली और बेहतर सुविधाओं की मांग

प्रदर्शनकारियों ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर जल्द बिजली की व्यवस्था करने की मांग की. उनका कहना था कि बेहतर सुविधाओं के बिना केंद्रों का संचालन प्रभावित होता है.

मानदेय बढ़ाने और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

सेविका-सहायिकाओं ने अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी मानदेय बढ़ाने और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की. इसके अलावा नई मोबाइल खरीदने की राशि सेविकाओं के खाते में भेजने और एफआरएस सिस्टम को तत्काल बंद करने की मांग की गई.

कई सेविका-सहायिकाएं रहीं मौजूद

प्रदर्शन में नीलम कुमारी, ममता कुमारी, रागिनी कुमारी, फरमाना वानो और कौशल्या देवी सहित कई आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं शामिल हुईं.

+

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >