4951 विधवाओं को मिल रही इंदिरा गांधी पेंशन

अरवल : आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिलाओं की मदद के लिए राज्य सरकार की एक खास योजना लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा योजना है. इस योजना का मकसद ऐसी महिलाओं को आर्थिक मदद प्रदान करना है, जो विधवा हैं और आर्थिक रूप से काफी कमजोर हैं. खासकर उन महिलाओं की आर्थिक मदद करना, जिनकी आय का […]

अरवल : आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिलाओं की मदद के लिए राज्य सरकार की एक खास योजना लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा योजना है. इस योजना का मकसद ऐसी महिलाओं को आर्थिक मदद प्रदान करना है, जो विधवा हैं और आर्थिक रूप से काफी कमजोर हैं.

खासकर उन महिलाओं की आर्थिक मदद करना, जिनकी आय का कोई साधन नहीं है. जिले में अब तक 3361 विधवाओं को लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिया जा रहा है. वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत 4951 विधवाओं को पेंशन दिया जा रहा है.
अरवल प्रखंड में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत 798 विधवाओं को और लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 891 विधवाओं को पेंशन दिया जा रहा है. कलेर प्रखंड में 744 विधवाओं को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन दिया जा रहा है. वहीं लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत 479 विधवाओं को पेंशन दिया जा रहा है.
करपी में 1376, कुर्था में 1495, सोनभद्र वंशी प्रखंड में 538 विधवाओं को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन दिया जा रहा है. वहीं करपी में 1385, कुर्था में 399 और सोनभद्र वंशी प्रखंड में 207 विधवाओं को लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिया जा रहा है. पेंशन योजना विधवाओं के जीवनयापन में बड़ा सहायक हो रहा है.
कौन ले सकता है लाभ :
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गयी हैं. सबसे पहले यह योजना सिर्फ बिहार के निवासी के लिए है. आवेदन कर्ता के लिए जरूरी है कि वह कम-से-कम 10 साल से बिहार में रह रहा हो. इसके अलावा उसकी उम्र 18-39 साल के बीच होनी चाहिए. साथ ही आवेदन कर्ता की सालाना आय 60 हजार रुपये से कम होनी चाहिए. ज्यादा उम्र की विधवा महिला भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं, लेकिन उसकी सालाना आय 60 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
3361 को मिल रहा लक्ष्मीबाई पेंशन का लाभ
विधवाओं को जीने का सहारा देती है लक्ष्मीबाई सुरक्षा योजना
कहां करें आवेदन
लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ उठाने के लिए प्रखंड कार्यालय में आवेदन करना होगा. फॉर्म भरकर जमा करने पर आवेदन कर्ता को रसीद दी जाती है. अगर किसी वजह से फॉर्म खारिज हो जाता है तो इसकी जानकारी आवेदक को दी जाती है. इस संबंध में जिला सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जो भी आवेदन आता है, उसे जांच-परख कर स्वीकृति प्रदान कर दी जाती है.

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